हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में वोट विरोध को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस ने आंदोलन से की तुलना

Kiran
26 Oct 2026 1:38 PM IST
हिमाचल में वोट विरोध को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस ने आंदोलन से की तुलना
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Himachal कांग्रेस की राज्य प्रभारी रजनी पाटिल ने रविवार को चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ पार्टी के अभियान की तुलना 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' से की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग को लेकर पूरा देश एकजुट है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान ऊना में पत्रकारों से बात करते हुए, पाटिल ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कुमार को उनके पद से हटा नहीं दिया जाता।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी कई सालों से यह आरोप लगाते रहे हैं कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल करती है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और चुनाव आयोग से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों ने कांग्रेस की स्थिति को और मजबूत किया है। पाटिल ने कहा कि राहुल गांधी विपक्षी दलों के समर्थन से संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि CEC को बहुत ज्यादा छूट (इम्युनिटी) मिली हुई है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। चंडीगढ़ का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के दौरान छह लाख वोटों में से लगभग एक-तिहाई वोट मतदाता सूची से हटा दिए गए थे, और कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाएगी।
उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शन के बाद, 1 नवंबर को दिल्ली में एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस के 10 लाख से अधिक समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह "चंदा चोरी", "वोट चोरी", "विधायक चोरी" और "सरकार चोरी" जैसे हथकंडों का सहारा लेती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार को गिराने की कोशिश की थी, लेकिन वे अपने मकसद में नाकाम रहे।
अग्निहोत्री ने कांग्रेस के नौ विधायकों के पार्टी छोड़ने का भी जिक्र किया और कहा कि इन राजनीतिक घटनाक्रमों के बावजूद पार्टी सत्ता में बनी रही। राजस्थान से लोकसभा सांसद हरीश चंद्र मीणा ने कहा कि SIR प्रक्रिया और CEC से जुड़े विवाद ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को सबके सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने चुनाव आयोग, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और पूरी चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने जवाबदेही की अपनी मांग को दोहराया और कहा कि यह देशव्यापी आंदोलन जारी रहेगा।
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