हिमाचल प्रदेश

48 घंटे में बदला सियासी घटनाक्रम, बिशन देव ने कांग्रेस में शामिल होने से किया इनकार

Kavita2
19 Sept 2026 1:47 PM IST
48 घंटे में बदला सियासी घटनाक्रम, बिशन देव ने कांग्रेस में शामिल होने से किया इनकार
x

अंब (ऊना)। चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायत रिपोह मिसरां के प्रधान और भाजपा के ग्राम केंद्र प्रमुख बिशन देव को लेकर 48 घंटे के भीतर सियासी घटनाक्रम बदल गया। वीरवार को उनके कांग्रेस में शामिल होने का दावा सामने आया था, लेकिन शनिवार को बिशन देव ने पूर्व विधायक बलबीर सिंह के साथ संयुक्त प्रेसवार्ता कर इस दावे को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा नहीं छोड़ी है और कांग्रेस में शामिल होने की बात सही नहीं है।

यह घटनाक्रम इसलिए चर्चा में आया क्योंकि इससे पहले बिशन देव के कांग्रेस में जाने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उस दौरान विधायक सुदर्शन सिंह बबलू और मुख्यमंत्री को लेकर उनकी ओर से सकारात्मक बातें कहे जाने का भी उल्लेख था। शनिवार को सामने आए उनके बयान ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।

कांग्रेस में शामिल होने का किया गया था दावा

वीरवार को बिशन देव के कांग्रेस में शामिल होने की बात सामने आई थी। ग्राम पंचायत रिपोह मिसरां के प्रधान होने के साथ वह भाजपा में ग्राम केंद्र प्रमुख की जिम्मेदारी से जुड़े बताए जाते हैं।

उनके कथित तौर पर कांग्रेस के साथ आने को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा गया। चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू कांग्रेस से हैं और क्षेत्र में पार्टी संगठन की गतिविधियां भी जारी हैं। हाल ही में चिंतपूर्णी कांग्रेस कमेटी की बैठक में बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर चर्चा की गई थी।

बिशन देव को लेकर सामने आए घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गईं, लेकिन महज दो दिन में तस्वीर बदल गई।

शनिवार को सामने आकर किया इनकार

शनिवार को बिशन देव पूर्व विधायक बलबीर सिंह के साथ मीडिया के सामने आए। उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने की खबरों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिशन देव ने दावा किया कि कांग्रेस में शामिल होने की बात वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती। उन्होंने अपने भाजपा से जुड़े रहने की बात कही।

इस बयान के बाद वीरवार को सामने आए दावे और शनिवार को दिए गए स्पष्टीकरण के बीच अंतर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

पूर्व विधायक बलबीर सिंह भी रहे मौजूद

बिशन देव की प्रेसवार्ता के दौरान चिंतपूर्णी के पूर्व विधायक और भाजपा नेता बलबीर सिंह भी मौजूद रहे। बलबीर सिंह पहले भी क्षेत्र में भाजपा की ओर से विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं।

बिशन देव का पूर्व विधायक के साथ सार्वजनिक रूप से सामने आना उनके वर्तमान राजनीतिक रुख को स्पष्ट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस का विस्तृत ताजा पक्ष उपलब्ध रिपोर्ट में सीमित है।

ऐसे में दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग राजनीतिक बयानों के रूप में देखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री से पुराने संबंधों का भी हुआ था जिक्र

पहले सामने आई जानकारी में बिशन देव द्वारा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ पुराने परिचय का उल्लेख किए जाने की बात कही गई थी। बताया गया कि उन्होंने नादौन में विकास खंड अधिकारी के रूप में सेवाएं देने के समय से मुख्यमंत्री के साथ परिचय होने की बात कही थी।

लेकिन शनिवार को बिशन देव ने अपने राजनीतिक दल बदलने की बात से इनकार कर दिया। इसलिए पुराने व्यक्तिगत या प्रशासनिक परिचय को पार्टी सदस्यता के प्रमाण के रूप में नहीं देखा जा सकता।

किसी राजनीतिक नेता के साथ व्यक्तिगत परिचय या उसके काम की प्रशंसा और औपचारिक रूप से किसी पार्टी में शामिल होना दो अलग बातें हैं।

चिंतपूर्णी में सक्रिय हैं दोनों दल

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा दोनों संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हैं। कांग्रेस की हालिया बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है। चिंतपूर्णी से सुदर्शन सिंह बबलू कांग्रेस विधायक हैं।

दूसरी तरफ भाजपा के स्थानीय नेता भी क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं। पूर्व विधायक बलबीर सिंह की मौजूदगी में बिशन देव का स्पष्टीकरण इसी स्थानीय राजनीतिक गतिविधि के बीच सामने आया है।

48 घंटे में बदली तस्वीर

वीरवार से शनिवार के बीच हुए घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात बिशन देव के राजनीतिक रुख को लेकर सामने आए परस्पर अलग दावे हैं।

पहले उनके कांग्रेस में शामिल होने की खबर आई और बाद में उन्होंने खुद मीडिया के सामने आकर इसे खारिज कर दिया। इस वजह से यह मामला केवल सामान्य दल-बदल की खबर न रहकर दावों और स्पष्टीकरण का विषय बन गया।

राजनीतिक मामलों में किसी व्यक्ति की पार्टी सदस्यता को लेकर संबंधित व्यक्ति के स्पष्ट बयान और पार्टी के आधिकारिक रिकॉर्ड को प्राथमिक आधार माना जाना चाहिए।

स्थानीय राजनीति में चर्चा

पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय संगठन पदाधिकारियों की राजनीतिक गतिविधियां विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में महत्व रखती हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय नेताओं का किसी पार्टी के साथ जुड़ना या पार्टी बदलना संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।

इसी वजह से बिशन देव से जुड़ा घटनाक्रम चिंतपूर्णी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना।

हालांकि किसी एक स्थानीय नेता के रुख में बदलाव से व्यापक राजनीतिक प्रभाव के बारे में निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

अब दोनों पक्षों के आधिकारिक रुख पर नजर

फिलहाल बिशन देव ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस में शामिल होने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर पहले उनके कांग्रेस में शामिल होने का दावा सामने आया था। ऐसे में आगे भाजपा और कांग्रेस की स्थानीय इकाइयों की ओर से आने वाले आधिकारिक बयानों से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

इस पूरे घटनाक्रम में यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि बिशन देव स्वयं शनिवार को मीडिया के सामने आए और कांग्रेस में शामिल होने की बात से इनकार किया।

चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में यह घटनाक्रम फिलहाल राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। वीरवार को कांग्रेस में शामिल होने के दावे से शुरू हुई कहानी शनिवार को सार्वजनिक खंडन तक पहुंच गई। अब स्थानीय राजनीति में यह देखा जाएगा कि दोनों दल इस मामले पर आगे क्या आधिकारिक रुख रखते हैं और बिशन देव की संगठनात्मक भूमिका किस रूप में जारी रहती है।

Next Story