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हिमाचल प्रदेश
हिमाचल में रेव पार्टियों पर पुलिस का शिकंजा एकांत कैफे बने निगरानी का केंद्र
nidhi
25 Aug 2026 6:36 AM IST

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जंगलों से कमरों तक फैला रेव नेटवर्क पुलिस ने बढ़ाई सख्ती
शिमला: हिमाचल प्रदेश में बढ़ती रेव पार्टियों और नशे से जुड़ी गतिविधियों को लेकर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। पर्यटन स्थलों पर आयोजित होने वाली संदिग्ध पार्टियों, एकांत कैफे और निजी स्थानों में होने वाली गतिविधियों पर अब पुलिस की पैनी नजर है। अधिकारियों के अनुसार, रेव पार्टियों का नेटवर्क अब केवल जंगलों और दूरदराज इलाकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे कैफे, होमस्टे और बंद कमरों तक पहुंचने की जानकारी सामने आ रही है।
प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश करते हैं। पुलिस का मानना है कि कुछ स्थानों पर संगीत, शराब और नशे के नाम पर ऐसी पार्टियां आयोजित की जाती हैं, जहां प्रतिबंधित पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका रहती है।
एकांत कैफे और निजी स्थान बने निगरानी के केंद्र
पुलिस अब उन कैफे, रिसॉर्ट, होमस्टे और निजी स्थानों की जानकारी जुटा रही है, जहां देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां चलने की शिकायतें मिलती हैं। खासतौर पर ऐसे स्थानों पर नजर रखी जा रही है, जो मुख्य शहरों से दूर या सुनसान इलाकों में स्थित हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, पहले रेव पार्टियां जंगलों और खुले क्षेत्रों में आयोजित की जाती थीं, लेकिन कार्रवाई बढ़ने के बाद आयोजकों ने अपना तरीका बदल लिया है। अब छोटे समूहों में बंद कमरों और निजी जगहों पर ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए जुटते हैं लोग
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कई बार ऐसी पार्टियों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। निजी ग्रुप बनाकर लोगों को आमंत्रित किया जाता है और आयोजन की जानकारी सीमित लोगों तक पहुंचाई जाती है। पुलिस अब साइबर टीम की मदद से ऐसे ऑनलाइन नेटवर्क पर भी नजर रख रही है। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संबंधित लोगों से पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पर्यटन स्थलों पर बढ़ाई गई चौकसी
हिमाचल के कई पर्यटन स्थल युवाओं और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। इनमें मनाली, कसोल, शिमला, धर्मशाला और अन्य पहाड़ी क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ाने के साथ-साथ होटल, कैफे और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पर्यटन को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन पर्यटन की आड़ में नशे और अवैध गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नशे के खिलाफ अभियान तेज
हिमाचल पुलिस पहले से ही नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। चिट्टा, गांजा और अन्य प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। रेव पार्टियों पर कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं संदिग्ध गतिविधियां नजर आती हैं तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
युवाओं को नशे से दूर रखने की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर होने वाली रेव पार्टियां युवाओं को नशे की ओर धकेल सकती हैं। इसलिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान भी जरूरी है। हिमाचल पुलिस अब तकनीक, स्थानीय सूचना तंत्र और लगातार निगरानी के जरिए ऐसे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में संदिग्ध स्थानों पर और सख्ती बढ़ने की संभावना है।
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