हिमाचल प्रदेश

सेहत से खिलवाड़! हिमाचल में बनी आठ दवाओं समेत 27 के सैंपल फेल

Renuka Sahu
14 May 2022 1:42 AM GMT
Playing with health! Samples of 27 failed including eight medicines made in Himachal
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फाइल फोटो 

हिमाचल प्रदेश की दवा कंपनियों में अप्रैल में तैयार आठ दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हिमाचल प्रदेश की दवा कंपनियों में अप्रैल में तैयार आठ दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरीं। मलेरिया, एसिडिटी, एलर्जी, बुखार, शुगर, दस्त और विटामिन डी की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। इनमें सोलन जिले की छह और सिरमौर की दो दवा कंपनियों ने ये दवाएं तैयार की हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन के अप्रैल के ड्रग अलर्ट में ये सैंपल मानकों पर सही नहीं उतरे हैं। अप्रैल में देश भर में 1164 दवाओं के सैंपल भरे थे, जिनमें हिमाचल प्रदेश में बनीं आठ दवाओं समेत 27 के सैंपल फेल हुए हैं।

एशिया के फार्मा हब बद्दी के मखनू माजरा स्थित मोरपिन लैब में कैल्शियम की दवा केलीक्विक, लोधी माजरा स्थित नवकार लाइफ साइंस कंपनी में बनी दस्त की दवा अर्मिडाजोल, बद्दी के थाना में बनी शुगर की दवा ग्लीमीपाइराइड, सोलन के आंजी स्थित मैक्स रिलीफ हेल्थ केयर कंपनी की बुखार की दवा पैरासिटामोल, सिरमौर के कालाअंब में रामपुर जटान की एडविन फार्मा की बुखार की दवा पैरासिटामोल, बद्दी के झाड़माजरी स्थित श्रीराम हेल्थ केयर की एलर्जी की दवा मोंटीलोकास्ट सोडियम एडं लिवोसिट्राजिन, बद्दी के भुड्ड स्थित मेडीपोल कंपनी की एसिडिटी की दवा आमेप्रोजोल और कालाअंब के खारी स्थित आलजेन हेल्थ केयर की मलेरिया की दवा प्रिमाक्विन के सैंपल फेल हुए हैं।
दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द
दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि जिन कंपनियों में बनी दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। बाजार में बेचे स्टॉक को वापस मंगवाने के आदेश भी जारी किए हैं।
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