हिमाचल प्रदेश

Himachal में फार्मा यूनिट्स बंद, नया शेड्यूल M नियम लागू

Ratna Netam
11 April 2026 7:38 PM IST
Himachal में फार्मा यूनिट्स बंद, नया शेड्यूल M नियम लागू
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में कई छोटी फार्मा यूनिट्स अब बंद हो गई हैं, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए संशोधित शेड्यूल M नियमों का पालन करना उनके लिए मुश्किल हो गया है। नए नियमों के तहत दवाओं की उत्पादन प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण और संरचनात्मक मानकों में कड़ी आवश्यकताएँ रखी गई हैं।
छोटी यूनिटों के मालिकों का कहना है कि इन नियमों के अनुपालन के लिए बड़े पैमाने पर निवेश और तकनीकी सुधार की जरूरत है, जो उनके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं है। इसके चलते कई इकाइयों को उत्पादन बंद करना पड़ा है।
फार्मा उद्योग के विशेषज्ञों के अनुसार, शेड्यूल M में बदलाव का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और सुरक्षा मानकों को बढ़ाना है। हालांकि, इसका असर छोटे निर्माताओं पर पड़ा है, जो नई तकनीक और उपकरण खरीदने में असमर्थ हैं।
इस स्थिति से स्थानीय रोजगार पर भी गंभीर असर पड़ा है। छोटे और मध्यम फार्मा उद्योग में कार्यरत श्रमिक अब बेरोजगार हो रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में भी दबाव बढ़ा है।
छोटी फार्मा यूनिट्स के प्रतिनिधियों ने सरकार से अपील की है कि संशोधित नियमों के लिए संक्रमणकालीन अवधि दी जाए या उन्हें आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान की जाए। उनका कहना है कि यदि सरकार मदद नहीं करती, तो छोटे निर्माता पूरी तरह बाजार से बाहर हो सकते हैं, जिससे दवा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दवाओं की गुणवत्ता और रोगियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता पर समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन सरकार को छोटे उत्पादकों के लिए सहूलियत और मार्गदर्शन भी देना चाहिए।
इस मुद्दे पर हिमाचल प्रदेश औषधि उद्योग संगठन ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थानीय उद्योग को बचाने और रोजगार बनाए रखने के उपाय करने चाहिए, ताकि उद्योग और जनता दोनों ही सुरक्षित रहें।
निष्कर्षतः, हिमाचल प्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री अब संशोधित शेड्यूल M नियमों के प्रभाव के चलते एक निर्णायक मोड़ पर है। जबकि नियमों का उद्देश्य रोगियों की सुरक्षा और दवा की गुणवत्ता है, छोटे उत्पादकों के लिए व्यवसाय को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। सरकार की ओर से उचित सहायता और मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद की जा रही है।
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