हिमाचल प्रदेश

परमवीर संजय कुमार का युवा अभियान

Kavita2
25 July 2026 5:21 PM IST
परमवीर संजय कुमार का युवा अभियान
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शिमला: कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले आनररी कैप्टन संजय कुमार ने भारतीय सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी देशसेवा का अपना संकल्प जारी रखा है। परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन संजय कुमार अब हिमाचल प्रदेश के युवाओं को सेना में भर्ती होने और देश की रक्षा के लिए आगे आने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

करीब 29 साल और आठ माह तक भारतीय सेना में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सेवाएं देने के बाद वह हाल ही में सेनानिवृत्त हुए हैं। हालांकि, सेना की वर्दी उतारने के बाद भी उनके मन में देशप्रेम और राष्ट्रसेवा की भावना पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। अब उनका लक्ष्य है कि देवभूमि हिमाचल प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाए।

कारगिल युद्ध में दिखाया था अद्भुत साहस

कैप्टन संजय कुमार का नाम भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता के प्रतीक के रूप में दर्ज है। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने दुश्मन के खिलाफ असाधारण साहस दिखाया था। उनके बहादुरी भरे कार्यों के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

युद्ध के कठिन हालात में उन्होंने जिस साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी वीरता की कहानी आज भी सेना में जाने वाले युवाओं को हौसला देती है।

सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी देशसेवा

सेना से विदाई के बाद कई सैनिक सामाजिक जीवन में नई भूमिका निभाते हैं, लेकिन कैप्टन संजय कुमार ने देशसेवा के अपने अभियान को अलग दिशा दी है। उन्होंने तय किया है कि वह युवाओं के बीच जाकर उन्हें राष्ट्रनिर्माण और सेना में योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।

उनका मानना है कि युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना बेहद जरूरी है। सेना केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का एक महान अवसर है।

शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर दे रहे संदेश

कैप्टन संजय कुमार अब प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। वह युवाओं को भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, सैनिक जीवन की चुनौतियों और देशसेवा के महत्व के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

इसके साथ ही वह युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि स्वस्थ, अनुशासित और मजबूत युवा ही देश का भविष्य तैयार कर सकते हैं।

वह विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि हिमाचल के अधिक से अधिक युवा सेना, अर्धसैनिक बलों और अन्य क्षेत्रों में जाकर देश का नाम रोशन करें।

प्रदेश सरकार ने भी बढ़ाया सहयोग

कैप्टन संजय कुमार के इस अभियान को प्रदेश सरकार का भी समर्थन मिला है। सरकार की ओर से युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करने वाले प्रयासों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रदेश में पहले से ही बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। हिमाचल को सैनिकों की भूमि के रूप में भी जाना जाता है। यहां के युवाओं की सेना में भागीदारी लंबे समय से गौरव का विषय रही है।

कैप्टन संजय कुमार का प्रयास है कि यह परंपरा और मजबूत हो तथा आने वाली पीढ़ियां भी देशरक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें।

युवाओं को नशामुक्त समाज का संदेश

कैप्टन संजय कुमार अपने संवाद कार्यक्रमों में नशे के खिलाफ भी जागरूकता फैला रहे हैं। उनका कहना है कि नशा युवाओं की ऊर्जा और भविष्य को नुकसान पहुंचाता है। देश को मजबूत बनाने के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है।

वह विद्यार्थियों से अपील कर रहे हैं कि वे अपने समय और ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक कार्यों में करें तथा अपने परिवार, समाज और देश के लिए जिम्मेदार नागरिक बनें।

नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने कैप्टन संजय कुमार

परमवीर चक्र विजेता कैप्टन संजय कुमार का जीवन साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की मिसाल है। युद्ध के मैदान में वीरता दिखाने के बाद अब वह समाज के बीच रहकर युवाओं को सही दिशा देने का काम कर रहे हैं।

उनका मानना है कि देश की सुरक्षा केवल सीमा पर तैनात जवानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रहित में योगदान दे।

उनका यह अभियान हिमाचल प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह पैदा कर रहा है। सेना में जाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए कैप्टन संजय कुमार का अनुभव और मार्गदर्शन किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

सेवानिवृत्ति के बाद भी देशसेवा के प्रति उनका समर्पण यह संदेश देता है कि राष्ट्रप्रेम की भावना वर्दी तक सीमित नहीं होती, बल्कि जीवनभर साथ रहती है।

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