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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: शहर में आवारा जानवरों की समस्या गंभीर होती जा रही है। नागरिकों की शिकायतों के अनुसार, पालमपुर की सड़कों पर घूमते आवारा मवेशी और कुत्ते न केवल यातायात में बाधा डाल रहे हैं, बल्कि कई जगहों पर सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि सुबह और शाम के समय सड़क पर घूमते गाय, भैंस और आवारा कुत्ते वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। कई वाहन चालक जान बचाने के लिए तेज ब्रेक लगाते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, जिससे शहर की सड़कों पर खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो रही है।
पालमपुर में हाल के महीनों में आवारा जानवरों से कई छोटे और बड़े हादसे दर्ज किए गए हैं। राहगीरों ने बताया कि कई बार बच्चों और बुजुर्गों को आवारा जानवरों के कारण चोटें आई हैं। वाहन चालक भी बार-बार जानवरों से बचने के लिए अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे वाहन पलटने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय व्यापारियों और स्कूल प्रशासन ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज जाने वाले बच्चे सड़क पर सुरक्षित नहीं हैं। इसके अलावा, सुबह के समय सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक के कारण आवारा जानवरों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो दुर्घटनाओं के जोखिम को और बढ़ा रही है।
नागरिकों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। आवारा जानवरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने और सड़क किनारे फीडिंग के लिए उचित व्यवस्था करने की आवश्यकता है। उन्होंने सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के उपायों को लागू करने की भी मांग की है।
पुलिस विभाग ने कहा कि वे आवारा जानवरों के मुद्दे पर नियमित निगरानी रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर नगर परिषद और पशु नियंत्रण विभाग के साथ समन्वय करके कार्रवाई करते हैं। हालांकि, नागरिकों का मानना है कि यह पर्याप्त नहीं है और अधिक सतत और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में आवारा जानवरों की समस्या केवल दुर्घटनाओं का कारण नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी खतरा है। इसके लिए स्मार्ट सिटी समाधान और पशु नियंत्रण नीतियों को अपनाना जरूरी है।
पालमपुर के निवासियों का संदेश है कि जल्द से जल्द सड़कों से आवारा जानवरों को हटाने और सुरक्षित प्रबंधन की व्यवस्था करने की आवश्यकता है, ताकि शहर की सड़कों को मौत का जाल बनने से बचाया जा सके और यातायात सुरक्षित बनाया जा सके।
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