हिमाचल प्रदेश

Padma Shri पुरस्कार विजेता का किसानों के कल्याण और सतत खेती पर जोर

Ratna Netam
21 April 2026 4:42 PM IST
Padma Shri पुरस्कार विजेता का किसानों के कल्याण और सतत खेती पर जोर
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: पद्म श्री पुरस्कार विजेता और कृषि विशेषज्ञ ने आज किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने की ज़रूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि अगर किसान आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करें, तो उत्पादन बढ़ सकता है और उनकी आय में भी सुधार होगा।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डिजिटल और स्मार्ट फार्मिंग, ड्रोन तकनीक, उन्नत बीज, जल संरक्षण उपकरण और अन्य आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने से खेती का परंपरागत तरीका बदल सकता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे तकनीक को साथी बनाकर खेती करें, जिससे न केवल लागत कम होगी बल्कि पैदावार भी बढ़ेगी।
पद्म श्री विजेता ने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य देशों में तकनीक आधारित खेती से किसानों की आय दोगुनी या तिगुनी हो चुकी है, और भारत में भी यह संभव है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसान सरकारी योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाएं, ताकि वे नई तकनीकों को सही तरीके से सीख सकें और अपने खेतों में लागू कर सकें।
विशेष रूप से उन्होंने सतत और पर्यावरण अनुकूल खेती पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक केवल उत्पादन बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि यह मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, जल संसाधनों की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करती है।
इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञों और स्थानीय किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई किसानों ने बताया कि तकनीक अपनाने के बाद उनकी फसल में वृद्धि हुई है और मेहनत कम हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उन्हें विश्वसनीय जानकारी और आत्मविश्वास देता है।
पद्म श्री विजेता ने कहा कि सरकार और निजी संस्थाओं को भी किसानों तक सस्ती और प्रभावी तकनीक पहुंचाने के लिए कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि कृषि शिक्षा में तकनीक आधारित पाठ्यक्रम शामिल किए जाएं, ताकि युवा पीढ़ी भी स्मार्ट खेती के प्रति जागरूक हो।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। पद्म श्री विजेता का संदेश था कि भविष्य की खेती टेक्नोलॉजी के साथ होगी, और इससे किसानों का जीवन स्तर और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता दोनों में सुधार होगा।
इस मौके पर उपस्थित किसानों और विशेषज्ञों ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह कृषि क्षेत्र में नवाचार और बदलाव की दिशा में एक प्रेरक कदम है।
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