हिमाचल प्रदेश

NU में UG और PG कार्यक्रमों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू

Payal
4 May 2026 5:23 PM IST
NU में UG और PG कार्यक्रमों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश की प्रतिष्ठित नौणी यूनिवर्सिटी ने इस साल अपने हॉर्टिकल्चर और फॉरेस्ट्री विभागों में अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) प्रोग्रामों के लिए प्रवेश प्रक्रिया आरंभ कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को सूचना दी कि इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि UG पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को 10+2 या समकक्ष परीक्षा में न्यूनतम योग्यता पूरी करनी होगी। वहीं, PG पाठ्यक्रम के लिए स्नातक डिग्री और संबंधित विषय में न्यूनतम अंकों की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है, और सभी उम्मीदवारों से अनुरोध किया गया है कि वे आवेदन के दौरान सभी दस्तावेज सही और प्रमाणिक रूप से अपलोड करें।
हॉर्टिकल्चर और फॉरेस्ट्री विभाग में UG पाठ्यक्रम में छात्रों को वनस्पति विज्ञान, बागवानी, फसलों का प्रबंधन और पर्यावरण अध्ययन जैसे विषयों में शिक्षा दी जाएगी। PG स्तर पर, छात्रों को अधिक विशेषज्ञता वाले कोर्स और शोध कार्य करने के अवसर मिलेंगे। विभाग ने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में प्रायोगिक प्रशिक्षण और फील्ड वर्क पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि छात्र उद्योग और शोध क्षेत्रों में कुशल बन सकें।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा और शिक्षण गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से आवेदन की अंतिम तिथि जल्द ही घोषित की जाएगी। इसके अलावा, छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया, दस्तावेज़ आवश्यकताओं और शुल्क भुगतान की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध होगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नौणी यूनिवर्सिटी में हॉर्टिकल्चर और फॉरेस्ट्री में UG/PG पाठ्यक्रमों का आरंभ राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल छात्रों को प्रगतिशील करियर विकल्प प्रदान करता है, बल्कि हिमाचल प्रदेश के कृषि और वन क्षेत्र के विकास में भी योगदान देगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे समय रहते आवेदन करें और पाठ्यक्रमों का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण, रिसर्च और औद्योगिक सहयोग पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि छात्र न केवल अकादमिक बल्कि व्यावसायिक रूप से भी सक्षम बनें।
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