- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- मूसलाधार बारिश में...
मूसलाधार बारिश में NHAI टीम का साहस, परिवार को सुरक्षित निकाला

हिमाचल प्रदेश: चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश और भूस्खलन के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम ने साहस और मानवता की मिसाल पेश की है। जान जोखिम में डालकर NHAI अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक बुजुर्ग मरीज और गंभीर रूप से बीमार सात माह के शिशु को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। खराब मौसम, मलबे और पत्थरों के गिरने के बावजूद टीम ने राहत कार्य जारी रखा और समय पर दोनों की जान बचाई।
जानकारी के अनुसार, वीरवार तड़के करीब तीन बजे दुनाली के पास भारी भूस्खलन हुआ, जिसके कारण चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लगातार बारिश के चलते मार्ग पर कई जगहों पर मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिर गए थे। बताया गया कि राजमार्ग पर करीब 12 से 13 स्थानों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ था। इस दौरान कई लोग रास्ते में फंस गए।
इसी बीच भरमौर अस्पताल से एक बुजुर्ग मरीज को एंबुलेंस के माध्यम से ले जाया जा रहा था, लेकिन दुर्गेठी के पास सड़क बंद होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ पाई। मरीज की हालत को देखते हुए स्थिति बेहद गंभीर थी। ऐसे समय में NHAI की टीम ने तत्काल मदद का फैसला लिया।
NHAI के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना बुजुर्ग मरीज को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया। टीम ने भारी मलबे और खराब रास्ते के बीच मरीज को पेट्रोलिंग वाहन तक पहुंचाया। इसके बाद मशीनरी की मदद से रास्ता साफ करते हुए वाहन को आगे बढ़ाया गया और बुजुर्ग को बग्गा तक पहुंचाया गया। वहां से उन्हें एंबुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया।
वहीं, इसी मार्ग पर एक और बेहद संवेदनशील मामला सामने आया। शाम करीब चार बजे दुर्गेठी के पास भरमौर की ओर से आ रही एक एंबुलेंस में सात माह का मासूम बच्चा था, जिसे वेंटिलेटर की तत्काल जरूरत थी। सड़क बंद होने के कारण बच्चे को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन गया था।
मासूम की गंभीर स्थिति को देखते हुए NHAI टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। कर्मचारियों ने बच्चे को सुरक्षित तरीके से पैदल मलबे और पत्थरों के बीच से पार कराया। इसके बाद पेट्रोलिंग वाहन की मदद से उसे बत्ती की हट्टी तक पहुंचाया गया। वहां भी रास्ता बंद होने के कारण टीम ने बच्चे को दूसरी ओर सुरक्षित पहुंचाया और दूसरे पेट्रोलिंग वाहन से बग्गा तक ले जाया गया। इसके बाद बच्चे को तुरंत मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया।
इस पूरे राहत अभियान के दौरान NHAI टीम को खुद भी खतरे का सामना करना पड़ा। चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर परेल घार में साइट विजिट के दौरान अधिकारियों के वाहन पर अचानक भारी पत्थर गिर गया। इससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत रही कि साइट इंचार्ज और अन्य कर्मचारी उस समय वाहन से बाहर निकल चुके थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना में साइट इंचार्ज साहिल ठाकुर, सुपरवाइजर सन्नी कुमार, फौजा सिंह और रविंद्र कुमार मौजूद थे। यही टीम दुर्गेठी क्षेत्र में फंसे मरीजों की सहायता में भी सक्रिय रही।
NHAI साइट इंचार्ज साहिल ठाकुर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल सड़क को सुचारू रखना नहीं, बल्कि आपदा के समय लोगों की जान बचाना भी है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के बावजूद टीम ने पूरी मुस्तैदी से काम किया और दोनों मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सफलता हासिल की।
चंबा-भरमौर क्षेत्र में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे कठिन हालात में NHAI टीम की तत्परता और साहस की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है। मुश्किल परिस्थितियों में जिस तरह टीम ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए दो जिंदगियां बचाईं, वह राहत और बचाव कार्यों में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।





