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Manali-Solang राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह लाहौल और स्पीति जिले में कोक्सर; कुल्लू जिले में मनाली और सोलंग घाटी; और आसपास के हिल स्टेशनों की 'कैरीइंग कैपेसिटी' (वहाँ कितने लोग या गतिविधियाँ हो सकती हैं) तय करने के बारे में लिए गए किसी भी फैसले की जानकारी छह हफ़्ते के अंदर जमा करे। NGT की मुख्य बेंच ने 7 अक्टूबर को 'फ्रेंड्स बनाम भारत सरकार' (ओरिजिनल एप्लीकेशन नंबर 145/2024) मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किया। चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर डॉ. अफ़रोज़ अहमद की बेंच ने इस मामले पर तब विचार किया जब याचिकाकर्ता के वकील ने हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HPSPCB) के मेंबर-सेक्रेटरी द्वारा राज्य के मुख्य सचिव को भेजे गए 8 अक्टूबर, 2024 के एक पत्र का ज़िक्र किया।
इस पत्र में सरकार से कोक्सर और मनाली व सोलंग घाटी समेत आसपास के हिल स्टेशनों की कैरीइंग कैपेसिटी तय करने पर फ़ैसला लेने का अनुरोध किया गया था। ट्रिब्यूनल ने दूसरे प्रतिवादी (रिस्पॉन्डेंट नंबर 2) को निर्देश दिया कि अगर राज्य सरकार ने कोई फ़ैसला लिया है, तो उसे छह हफ़्ते के अंदर रिकॉर्ड पर लाए। हालाँकि, इस आदेश में इन जगहों की कैरीइंग कैपेसिटी तय नहीं की गई और न ही पर्यटन पर कोई नई पाबंदी लगाई गई।
SADA ने कचरा प्रबंधन पर अनुपालन रिपोर्ट सौंपी
सुनवाई के दौरान, लाहौल-स्पीति में कीलोंग स्थित स्पेशल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (SADA) ने 3 अक्टूबर की अपनी अनुपालन और स्थिति रिपोर्ट सौंपी, जिसमें इलाके में कचरा प्रबंधन की पहलों पर हुई प्रगति की जानकारी दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सड़क किनारे पड़ा कचरा हटा दिया गया था और हर महीने निरीक्षण जारी रहेगा। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइज़ेशन (BRO) परिसर के पास का कचरा भी हटा दिया गया था और आगे भी निगरानी की योजना है। शाकस नाले से पुराना कचरा (लेगेसी वेस्ट) हटाने का काम पूरा हो चुका था, जबकि बिलिंग नाले से भी कचरा हटा दिया गया था।
अथॉरिटी ने बताया कि छह CCTV कैमरे ठीक कर दिए गए थे और वे चालू हालत में थे। चार पंचायतों में घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा किया जा रहा था और इस सेवा को बढ़ाने की योजना थी। डलांग में गीले कचरे के प्रबंधन की सुविधा का निर्माण चल रहा था और लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। SADA ने इस सुविधा को चालू करने के लिए नवंबर 2026 का लक्ष्य तय किया है। प्रस्तावित वेस्ट मैनेजमेंट नियमों को लागू करने से पहले सरकार की मंज़ूरी और गैज़ेट नोटिफिकेशन का इंतज़ार था।
इस बीच, खबरों के अनुसार बिलिंग और कोक्सर में मटीरियल रिकवरी फैसिलिटीज़ (MRFs) पूरी तरह से काम कर रही थीं और सूखे व रीसायकल होने लायक सॉलिड वेस्ट को संभाल रही थीं। कचरे को स्रोत पर ही अलग करने का काम भी किया जा रहा था और मौजूदा सिस्टम के जारी रहने की उम्मीद थी। ट्रिब्यूनल ने आवेदक को SADA की अनुपालन रिपोर्ट पर जवाब या आपत्तियां दाखिल करने के लिए छह हफ़्ते का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2027 को तय की गई है।
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