हिमाचल प्रदेश

कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल होंगे CM सुक्खू

Ratna Netam
10 Oct 2026 3:50 PM IST
कांग्रेस के सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल होंगे CM सुक्खू
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सोमवार को कांग्रेस पार्टी के प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों और कथित वोट चोरी के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इस अधिकार से जुड़े किसी भी सवाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वह सोमवार को पार्टी के अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री के अनुसार, कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन मतदान के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार है। यही अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाता है। उन्होंने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में तैयार किए गए संविधान ने देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक अधिकार प्रदान किए हैं। इन अधिकारों के माध्यम से जनता चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करती है और सरकारों को जवाबदेह बनाती है।
सुक्खू ने कहा कि मतदान का अधिकार केवल चुनाव के दिन वोट डालने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता की राजनीतिक भागीदारी और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उसके विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने मताधिकार के माध्यम से सरकारों का चयन करते हैं और चुनावों के जरिए उनके कामकाज पर अपना निर्णय देते हैं।मुख्यमंत्री ने कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि जब मतदान के अधिकार को लेकर सवाल खड़े होते हैं, तो लोगों में चिंता पैदा होना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों के जरिए सरकार बनाने की प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने पर लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं।
सुक्खू ने कहा, "जब यह बात सामने आती है कि वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है, वोट चोरी किए जा रहे हैं और उनके जरिए सरकारें बनाई जा रही हैं, तो देश के युवा स्वाभाविक रूप से विरोध करेंगे।मुख्यमंत्री के इस बयान में युवाओं की भूमिका को विशेष महत्व दिया गया। उन्होंने कहा कि देश के युवा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हैं। उनके अनुसार, जब मतदान के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर आशंकाएं पैदा होती हैं, तो युवाओं का विरोध करना स्वाभाविक है।
सुक्खू ने केंद्र सरकार पर विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जिन मुद्दों को लेकर आवाज उठा रही है, वे लोकतांत्रिक अधिकारों से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसे मुद्दों पर विरोध दर्ज कराना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।हालांकि, मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए वोट चोरी और विरोध प्रदर्शनों को दबाने संबंधी आरोप राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध बयान में इन आरोपों के समर्थन में किसी विशेष चुनाव, निर्वाचन क्षेत्र या घटना का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के बजाय कांग्रेस और मुख्यमंत्री के पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और भारतीय संविधान का उल्लेख करते हुए मतदान के अधिकार के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से स्थापित लोकतांत्रिक व्यवस्था नागरिकों को सरकार चुनने का अवसर देती है। यह व्यवस्था जनता की भागीदारी पर आधारित है और चुनाव इसकी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर होते हैं। हालांकि, कानूनी दृष्टि से मतदान के अधिकार को सामान्यतः संवैधानिक और वैधानिक अधिकार माना जाता है, न कि अपने आप में मौलिक अधिकार। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में इसे बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में प्रस्तुत किया।
कांग्रेस के प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च में शामिल होने की घोषणा के साथ सुक्खू ने यह स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर पार्टी के विरोध कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों से संबंधित विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस कथित वोट चोरी और चुनावी अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराने की बात कर रही है। सुक्खू ने अपने बयान में इन मुद्दों को जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ते हुए सोमवार के प्रस्तावित मार्च में अपनी भागीदारी की पुष्टि की।
सुक्खू ने यह भी कहा कि जनता को चुनाव के माध्यम से सरकारों को जवाबदेह ठहराने का अवसर मिलता है। उनके अनुसार, मतदान का अधिकार नागरिकों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध स्थापित करता है। इसी कारण चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।शनिवार को शिमला में दिए गए बयान के जरिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की चिंता और विरोध को समझना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित कांग्रेस मार्च में शामिल होने की अपनी घोषणा दोहराई।
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