हिमाचल प्रदेश

साइबर ठगों का नया पैंतरा फोन ब्लैक होते ही खाते से निकले 30 हजार

nidhi
20 Sept 2026 10:04 AM IST
साइबर ठगों का नया पैंतरा फोन ब्लैक होते ही खाते से निकले 30 हजार
x
सावधान मोबाइल स्क्रीन
नई दिल्ली: साइबर ठगी के लगातार बदलते तरीकों के बीच मोबाइल फोन की स्क्रीन अचानक काली पड़ने और बैंक खाते से पैसे निकलने का मामला चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित के मोबाइल पर पहले एक संदिग्ध लिंक या ऐप के जरिए साइबर अपराधियों ने पहुंच बनाई। इसके बाद फोन पर नियंत्रण हासिल कर बैंक खाते से करीब 30 हजार रुपये निकाल लिए गए। घटना ने मोबाइल में अनजान ऐप डाउनलोड करने और संदिग्ध लिंक खोलने के खतरे को एक बार फिर उजागर किया है।
ऐसे साइबर हमलों में ठग अक्सर बैंक, सरकारी विभाग, कुरियर कंपनी, टेलीकॉम ऑपरेटर या किसी परिचित संस्था के नाम का इस्तेमाल करते हैं। पीड़ित को मैसेज भेजकर KYC अपडेट, रिफंड, चालान, बिजली बिल, पार्सल या खाते के सत्यापन के नाम पर लिंक खोलने अथवा APK फाइल इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है। मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल होने के बाद वह कई संवेदनशील परमिशन मांग सकता है। इनमें स्क्रीन शेयरिंग, एक्सेसिबिलिटी, SMS पढ़ने और नोटिफिकेशन देखने जैसी अनुमतियां शामिल हो सकती हैं। अगर यूजर इन्हें मंजूरी दे देता है तो दुर्भावनापूर्ण ऐप फोन पर होने वाली गतिविधियों तक पहुंच हासिल कर सकता है।
कुछ मामलों में रिमोट एक्सेस या दुर्भावनापूर्ण ऐप स्क्रीन को ब्लैक अथवा लॉक जैसी स्थिति में दिखा सकते हैं, जबकि बैकग्राउंड में दूसरी गतिविधियां चलती रहती हैं। इससे पीड़ित को लगता है कि फोन हैंग हो गया है या उसमें तकनीकी खराबी आ गई है। इसी दौरान अपराधी चोरी किए गए क्रेडेंशियल, OTP या दूसरी जानकारी का इस्तेमाल कर वित्तीय धोखाधड़ी की कोशिश कर सकते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर मिली किसी भी अनजान APK फाइल को इंस्टॉल न करें। बैंकिंग और सरकारी सेवाओं से संबंधित ऐप केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या संबंधित संस्था के सत्यापित माध्यम से ही डाउनलोड करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप चालू करना भी जोखिम भरा हो सकता है।
अगर फोन अचानक असामान्य तरीके से काम करने लगे और साथ ही बैंक खाते में संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई दे तो तुरंत बैंक को सूचना देकर संबंधित खाते, कार्ड या डिजिटल बैंकिंग सेवा को सुरक्षित कराना चाहिए। भारत में वित्तीय साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 हेल्पलाइन और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए की जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, उतनी ही जल्दी संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना रहती है। साथ ही मोबाइल से संदिग्ध ऐप हटाना, बैंकिंग और ईमेल पासवर्ड सुरक्षित डिवाइस से बदलना और महत्वपूर्ण खातों में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करना उपयोगी कदम हैं। फोन में ऐप इंस्टॉल करते समय मांगी जा रही परमिशन को ध्यान से पढ़ना भी जरूरी है।
Next Story