हिमाचल प्रदेश

Himachal में फोर-लेन रोड के नए अलाइनमेंट से स्थानीय चिंतित

Ratna Netam
6 May 2026 12:39 PM IST
Himachal में फोर-लेन रोड के नए अलाइनमेंट से स्थानीय चिंतित
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: परौर-पधर फोर-लेन रोड प्रोजेक्ट के नए अलाइनमेंट को लेकर स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों में चिंता बढ़ गई है। नए रूट का प्रस्ताव परियोजना की लागत बढ़ा सकता है और सुरक्षा जोखिमों को भी बढ़ा सकता है। यह सड़क हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ने के लिए बनाई जा रही है और इसका उद्देश्य यात्रा समय कम करना तथा परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
हालांकि, नए अलाइनमेंट के कारण कई पर्यावरणीय और तकनीकी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने कहा कि प्रस्तावित रास्ता खड़ी ढलानों, नदियों और पहाड़ी इलाकों से गुजरता है, जिससे सड़कों की सुरक्षा और निर्माण की लागत पर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुरक्षा और स्थायित्व पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सड़क दुर्घटनाओं और मरम्मत खर्च में वृद्धि का कारण बन सकती है।
सड़क निर्माण विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में फोर-लेन रोड का निर्माण चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि नए अलाइनमेंट में खड़ी ढलानें और प्राकृतिक बाधाएँ जैसे पत्थर गिरना और भूस्खलन, सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी यह नया रूट संवेदनशील क्षेत्र से होकर गुजर रहा है, जिससे वन्यजीव और प्राकृतिक जल स्रोत प्रभावित हो सकते हैं।
परियोजना अधिकारियों ने कहा कि नए अलाइनमेंट को मंजूरी देने से पहले सभी तकनीकी और पर्यावरणीय अध्ययन किए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों और पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि लागत बढ़ती है, तो सरकार आवश्यक संसाधन मुहैया कराएगी ताकि परियोजना में किसी तरह की रुकावट न आए।
स्थानीय प्रशासन ने रोड निर्माण के लिए जनता से संवाद शुरू किया है। उन्होंने बैठकें आयोजित कर नए रूट के फायदे और संभावित जोखिमों पर चर्चा की। प्रशासन ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास और यातायात सुगमता के लिए महत्वपूर्ण है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि सड़क निर्माण में पर्यावरण और स्थिरता पर ध्यान न दिया गया, तो यह लंबे समय तक प्राकृतिक आपदाओं का कारण बन सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि परियोजना को मंजूरी देने से पहले प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट (EIA) और जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट का अध्ययन किया जाए।
परौर-पधर फोर-लेन रोड का उद्देश्य क्षेत्रीय संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा देना है। हालांकि, नए अलाइनमेंट के प्रस्ताव ने यह स्पष्ट किया है कि बड़े निर्माण परियोजनाओं में तकनीकी, सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
स्थानीय लोग और विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सड़क परियोजना की योजना और कार्यान्वयन पारदर्शी और जिम्मेदार हो। उनका मानना है कि सुरक्षा और स्थायित्व को नजरअंदाज किए बिना परियोजना पूरी की जानी चाहिए।
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