हिमाचल प्रदेश

बगीचे की लापरवाही पड़ी भारी, मौत से मचा हड़कंप

Saba Naaz
26 July 2026 7:02 PM IST
बगीचे की लापरवाही पड़ी भारी, मौत से मचा हड़कंप
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हिमाचल प्रदेश: कुल्लू जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां जहरीले रसायन के संपर्क में आए सेब खाने से एक किसान की मौत हो गई। बंजार उपमंडल में हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बगीचे में घास पर कीटनाशक का छिड़काव किया गया था और उसी जगह गिरे सेब खाने के बाद किसान की तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया।

मृतक की पहचान राम लाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, राम लाल ने बगीचे में जमीन पर गिरे सेब बिना धोए खा लिए थे। इन सेबों पर स्प्रे किए गए रसायन का असर होने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद उनकी हालत लगातार खराब होती गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

पुलिस जांच के अनुसार, यह घटना बंजार क्षेत्र के एक सेब बगीचे की है। मृतक की पत्नी हीरा देवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 15 जुलाई को बगीचे में घास को सुखाने के लिए रसायन का छिड़काव किया गया था। इसके अगले दिन 16 जुलाई को राम लाल बगीचे में गए थे। बताया जा रहा है कि उस समय उन्होंने जमीन पर पड़े कुछ सेब उठाकर खा लिए थे। इन सेबों को उन्होंने धोया नहीं था।

सेब खाने के बाद शाम तक राम लाल की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार वालों ने उनकी हालत गंभीर देखी और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। 17 जुलाई को उन्हें सबसे पहले बंजार अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू रेफर कर दिया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उन्हें 20 जुलाई को नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया।

नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन 23 जुलाई की शाम उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया है। पुलिस का कहना है कि विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। परिवार वालों ने भी इस मामले में किसी व्यक्ति पर संदेह या आरोप लगाने से इनकार किया है। फिलहाल पुलिस इसे रासायनिक पदार्थ के संपर्क में आने से हुई मौत के एंगल से जांच कर रही है।

कुल्लू के पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

इस घटना ने सेब उत्पादक क्षेत्रों में कीटनाशकों और रसायनों के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बगीचों में किसी भी तरह के रसायन का छिड़काव करने के बाद सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। जमीन पर गिरे फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना चाहिए, क्योंकि उन पर कीटनाशक या अन्य रसायनों के अवशेष हो सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में सेब की खेती बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका का आधार है। ऐसे में बगीचों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों को लेकर जागरूकता और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण है। कुल्लू की इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है।

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