हिमाचल प्रदेश

अदालती मामलों की अनदेखी पड़ेगी भारी, हिमाचल सरकार ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

nidhi
5 Aug 2026 8:10 AM IST
अदालती मामलों की अनदेखी पड़ेगी भारी, हिमाचल सरकार ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला

शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों से जुड़े अदालती मामलों में लापरवाही और देरी को गंभीरता से लिया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि न्यायालयों में लंबित मामलों की समय पर पैरवी न करने या जवाब दाखिल करने में देरी होने पर संबंधित विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य न्यायिक मामलों में तेजी लाना, अनावश्यक देरी को रोकना और प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाना है।
अदालतों में लंबित मामलों की होगी निगरानी
सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़े न्यायालयीन मामलों की नियमित समीक्षा करें। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अदालतों में जरूरी दस्तावेज, जवाब और रिपोर्ट समय सीमा के भीतर दाखिल किए जाएं।
देरी पर अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब
यदि किसी मामले में विभाग की ओर से लापरवाही सामने आती है और समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण सरकार को नुकसान होता है, तो संबंधित विभाग के प्रमुख अधिकारी से जवाब मांगा जा सकता है।
सरकार का मानना है कि जिम्मेदारी तय होने से अधिकारी मामलों को अधिक गंभीरता से लेंगे।
लंबित मामलों से बढ़ता है बोझ
सरकारी विभागों से जुड़े कई मामले वर्षों तक अदालतों में चलते रहते हैं। कई बार समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं होने, दस्तावेज तैयार न होने या प्रभावी पैरवी में कमी के कारण मामलों में देरी होती है।
इससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता है और सरकार पर कानूनी दबाव भी बढ़ता है।
सरकार ने दिए ये निर्देश
सभी विभाग लंबित कोर्ट मामलों की सूची तैयार करें।
पुराने और महत्वपूर्ण मामलों को प्राथमिकता दें।
समय पर कानूनी जवाब दाखिल करें।
विभागीय अधिकारियों और कानूनी टीम के बीच बेहतर समन्वय रखें।
मामलों की प्रगति की नियमित समीक्षा करें।
प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि अदालतों में प्रभावी पैरवी से न केवल सरकारी पक्ष मजबूत होगा, बल्कि जनता से जुड़े मामलों का समाधान भी तेजी से हो सकेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करने से सरकारी तंत्र में सतर्कता बढ़ेगी और न्यायिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी कम हो सकती है।
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