हिमाचल प्रदेश

NCRB report: हिमाचल में डिजिटल सुरक्षा पर बढ़ते खतरे का संकेत

Ratna Netam
8 May 2026 7:58 PM IST
NCRB report: हिमाचल में डिजिटल सुरक्षा पर बढ़ते खतरे का संकेत
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हाल ही में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश में साइबर अपराधों में लगातार वृद्धि की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता को गंभीर चिंता के रूप में पेश किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में राज्य में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, बैंकिंग घोटाले और सोशल मीडिया पर उत्पीड़न जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। NCRB ने यह भी बताया कि डिजिटल लेन-देन और ऑनलाइन शिक्षा-व्यवसायिक प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर अपराधियों के निशाने पर युवा और व्यापारिक संगठन अधिक आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण और पर्वतीय इलाकों में इंटरनेट पहुंच बढ़ने के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता कम होने के कारण साइबर अपराधों का खतरा अधिक है। उन्होंने कहा कि लोगों को पासवर्ड सुरक्षा, संदिग्ध ईमेल और लिंक से सावधान रहने और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है।
NCRB की रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया कि राज्य पुलिस और संबंधित अधिकारियों को साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की जरूरत है। इसमें साइबर पुलिस स्टेशन, डिजिटल फॉरेंसिक इकाइयों और ऑनलाइन शिकायत निवारण केंद्रों की भूमिका अहम होगी। अधिकारियों ने कहा कि जनता के लिए जागरूकता अभियान और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना आवश्यक है ताकि लोग साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें।
राज्य सरकार ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि साइबर अपराध रोकने और नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल और कॉलेजों में डिजिटल सुरक्षा सत्र और पुलिस की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
विशेषज्ञों ने कहा कि साइबर अपराध केवल व्यक्तिगत नुकसान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सरकारी संस्थानों के लिए भी खतरे का संकेत हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, पासवर्ड प्रोटेक्शन, दो-तरफ़ा प्रमाणीकरण और ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता अपनाएं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन गेमिंग एप्स पर बच्चों और किशोरों की सुरक्षा पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि अभिभावक और शिक्षक बच्चों को साइबर सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करें ताकि उन्हें ऑनलाइन उत्पीड़न और धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
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