हिमाचल प्रदेश

Nalagarh: अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना

Payal
21 April 2026 5:15 PM IST
Nalagarh: अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: राष्ट्रीय हरित न्यायालय (एनजीटी) ने नालागढ़ क्षेत्र में अवैध रेत खनन की शिकायतों की जांच करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रेत खनन से जुड़े सभी स्थलों का निरीक्षण करें और अवैध गतिविधियों की पूरी जानकारी रिपोर्ट में प्रस्तुत करें।
एनजीटी ने यह कदम उन रिपोर्टों और शिकायतों के आधार पर उठाया है, जिनमें कहा गया था कि नालागढ़ क्षेत्र में कई स्थानों पर अनधिकृत रेत खनन और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। अदालत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खनन के दौरान नदी और पर्यावरणीय संतुलन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आदेश में यह भी कहा गया कि अवैध खनन से न केवल स्थानीय नदी पारिस्थितिकी पर असर पड़ता है, बल्कि आसपास के गाँवों में रहने वाले लोगों के जीवन और कृषि गतिविधियों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एनजीटी ने यह सुनिश्चित करने के लिए जांच की गहनता बढ़ाने का आदेश दिया कि कोई भी अवैध गतिविधि बचे न।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि उन्होंने पहले ही कुछ खनन स्थलों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और अवैध खनन रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि एनजीटी के निर्देशों के बाद सभी संबंधित विभागों को सहयोग करना अनिवार्य होगा और निरीक्षण के दौरान किसी भी अनियमितता को तुरंत रिपोर्ट किया जाएगा।
एनजीटी के इस आदेश को लेकर स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में संतोष और उम्मीद देखने को मिली। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अवैध रेत खनन से इलाके की नदियां क्षतिग्रस्त हो रही थीं और अब जांच से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुसार की जाएगी। वे स्थानीय लोगों को आश्वस्त कर रहे हैं कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सर्वोपर्याय रहेगा।
विशेषज्ञों ने कहा कि नालागढ़ जैसी संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रेत खनन पर्यावरणीय संकट पैदा कर सकता है, और अदालत की यह पहल समय पर की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन और नियमित निगरानी ही नदी पारिस्थितिकी और स्थानीय जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
कुल मिलाकर, एनजीटी का यह आदेश नालागढ़ में अवैध रेत खनन रोकने और पर्यावरणीय संरक्षण को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को अब तत्काल और प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि नदियों और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
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