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Nadaun : सफाई के बाद भी जलभराव, नगर परिषद की तैयारी पर सवाल

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के उद्देश्य से नगर परिषद (एमसी) नादौन द्वारा किए गए नाला सफाई अभियान के बावजूद शहर में बारिश के दौरान हालात बिगड़ गए। रविवार को की गई विशेष सफाई के अगले ही दिन तेज बारिश में कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे नगर परिषद की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर परिषद ने रविवार को मुख्य बाजार स्थित कुमार मार्केट के नाले की विशेष सफाई करवाई थी। यह अभियान सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक चला, जिसमें भारी मात्रा में गाद, मिट्टी और अन्य कचरा निकाले जाने का दावा किया गया। परिषद के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य वर्षा जल की सुचारु निकासी सुनिश्चित करना था।
अभियान के दौरान नगर परिषद ने अपनी गतिविधियों की तस्वीरें और जानकारी अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर साझा करते हुए इसे “युद्धस्तर पर चल रही सफाई” बताया था। अधिकारियों ने दावा किया था कि नालियों और नालों की सफाई के माध्यम से मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जाएगा।
हालांकि, स्थिति इसके ठीक विपरीत देखने को मिली। रविवार रात से शुरू हुई बारिश सोमवार सुबह तेज हो गई, जिसके बाद शहर के कई हिस्सों में पानी भरने लगा। कई स्थानों पर वर्षा का पानी नालियों से निकलने के बजाय सड़कों और पैदल चलने वाले रास्तों के बीच बहता हुआ दिखाई दिया।
मुख्य बाजार और आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित दिखी, जिससे आम लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर पानी जमा होने से दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले सफाई अभियान चलाया जाता है, लेकिन बारिश शुरू होते ही जलभराव की समस्या फिर सामने आ जाती है। लोगों का आरोप है कि सफाई केवल सतही स्तर पर की जाती है, जबकि नालों की वास्तविक रुकावटों को पूरी तरह नहीं हटाया जाता।
नगर परिषद के दावे और जमीनी हकीकत के बीच अंतर ने एक बार फिर शहरी जल निकासी व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। कई नागरिकों ने कहा कि केवल सफाई अभियान की तस्वीरें साझा करने से समस्या का समाधान नहीं होता, जब तक कि स्थायी और प्रभावी जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित न की जाए।
बारिश के बाद सामने आई स्थिति ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या नालों की सफाई सही तरीके से की गई थी या केवल दिखावे के लिए अभियान चलाया गया था। हालांकि नगर परिषद की ओर से इस पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बारिश की तीव्रता अधिक होने के कारण कुछ स्थानों पर पानी जमा हुआ, लेकिन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, नागरिकों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए स्थायी समाधान पर ध्यान दिया जाए।
फिलहाल शहर में जलभराव की स्थिति को देखते हुए लोगों में नाराजगी है और नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मानसून के दौरान बार-बार सामने आने वाली इस समस्या ने एक बार फिर शहरी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।





