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हिमाचल प्रदेश
टांडा मेडिकल कॉलेज में महिला प्रशिक्षु से छेड़छाड़, तकनीशियन पर आरोप
nidhi
30 Sept 2026 12:44 PM IST

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PG प्रशिक्षु ने तकनीशियन पर लगाया आरोप
पटना : टांडा मेडिकल कॉलेज में एक पीजी प्रशिक्षु से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में कार्यरत एक तकनीशियन ने महिला प्रशिक्षु के साथ अनुचित व्यवहार किया। शिकायत के मुताबिक तकनीशियन ने पहले गलत तरीके से उसके कंधे पर हाथ रखा और बाद में पीछे से पकड़ लिया।
घटना के बाद पीजी प्रशिक्षु ने इसका विरोध किया और मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। शिकायत सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हलचल बढ़ गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है।
पीड़ित प्रशिक्षु का आरोप है कि तकनीशियन का व्यवहार सामान्य कार्यस्थल आचरण के अनुरूप नहीं था। उसने कथित तौर पर बिना अनुमति शारीरिक संपर्क किया, जिससे वह असहज हो गई। घटना के बाद उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
मामला अस्पताल परिसर से जुड़ा होने के कारण कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में बड़ी संख्या में डॉक्टर, प्रशिक्षु, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जाती है। शिकायत के बाद प्रशासन संबंधित तकनीशियन से भी जवाब मांग सकता है। घटना के समय मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। यदि परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उनकी फुटेज भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
पीजी प्रशिक्षु की शिकायत के आधार पर यह भी देखा जाएगा कि घटना किस स्थान पर हुई और उस समय वहां कौन-कौन मौजूद था। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थानों को तय प्रक्रियाओं के अनुसार शिकायतों का निपटारा करना होता है। इस मामले में भी शिकायत की जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
फिलहाल तकनीशियन पर लगे आरोपों को लेकर जांच की प्रक्रिया अहम मानी जा रही है। प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी नजर बनी हुई है। मामले ने मेडिकल कॉलेज में कार्यस्थल की सुरक्षा और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। प्रशिक्षु की शिकायत की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।
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