- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- मोबाइल ने दिखाई गलत...
मोबाइल ने दिखाई गलत राह, खाई में गिरने से बची कार; तीन युवक सुरक्षित

ऊना। रात का सन्नाटा, घना अंधेरा, अनजान पहाड़ी रास्ता और मोबाइल की स्क्रीन पर दिखाई दे रही गलत दिशा...। मंजिल तक पहुंचने की कोशिश में तीन युवकों की कार मंगलवार देर रात ऐसी जगह पहुंच गई, जहां एक छोटी सी चूक उनकी जान पर भारी पड़ सकती थी। चिंतपूर्णी थाना क्षेत्र के डूहल बंगवाला मार्ग पर देर रात करीब साढ़े 12 बजे हरियाणा नंबर की एक कार सड़क से फिसलकर झाड़ियों में जा फंसी। गनीमत रही कि कार खाई में गिरने से पहले ही झाड़ियों में अटक गई। हादसे में कार सवार तीनों युवक सुरक्षित बच गए।
घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अंधेरा होने के कारण पहाड़ी सड़क पर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण थी। यदि कार कुछ दूरी और आगे खिसक जाती तो सीधे गहरी खाई में गिर सकती थी। ऐसे में झाड़ियों का सहारा मिलना तीनों युवकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा।
मोबाइल पर दिख रही थी गलत दिशा
बताया जा रहा है कि तीनों युवक किसी स्थान पर जाने के लिए मोबाइल फोन के नेविगेशन का सहारा लेकर पहाड़ी मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे। क्षेत्र से पूरी तरह अनजान होने के कारण वे मोबाइल पर दिखाई जा रही दिशा के आधार पर रास्ता तय कर रहे थे। इसी दौरान नेविगेशन उन्हें डूहल बंगवाला मार्ग की ओर ले गया।
रात के समय पहाड़ी क्षेत्र में सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना आसान नहीं होता। अंधेरे में मोड़, सड़क की चौड़ाई और किनारे की गहराई स्पष्ट दिखाई नहीं देने के कारण वाहन चलाना जोखिम भरा हो जाता है। इसी दौरान कार चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया और कार सड़क से फिसलकर नीचे की ओर जाने लगी।
झाड़ियों में अटकी कार
कार सड़क से फिसलने के बाद झाड़ियों में जा फंसी। कार का कुछ हिस्सा खाई की ओर बढ़ गया था, लेकिन झाड़ियों ने वाहन को रोक लिया। इस कारण कार गहरी खाई में गिरने से बच गई। हादसे के बाद कार में सवार तीनों युवक घबरा गए, लेकिन उन्हें किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई।
रात के समय सुनसान पहाड़ी मार्ग पर हुए इस हादसे में सबसे बड़ी राहत यह रही कि कार खाई में नहीं गिरी। जिस स्थान पर कार फंसी, वहां से नीचे वाहन के गिरने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। कार के रुक जाने के बाद युवकों ने राहत की सांस ली।
बाल-बाल बची तीन जिंदगियां
हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोगों और संबंधित पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद युवकों को सुरक्षित बाहर निकालने और कार को सड़क तक लाने की कोशिश की गई। घटना में तीनों युवक सुरक्षित रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में रात के समय अनजान रास्तों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। मोबाइल नेविगेशन कई बार मुख्य मार्ग के बजाय ऐसे रास्तों की ओर ले जा सकता है, जहां वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर रात के समय किसी अनजान पहाड़ी सड़क पर केवल मोबाइल मैप पर निर्भर रहना खतरे को बढ़ा सकता है।
बड़ा हादसा टलने से राहत
मंगलवार की रात हुई यह घटना एक बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही थी, लेकिन समय रहते कार झाड़ियों में अटक गई। अगर वाहन झाड़ियों के सहारे नहीं रुकता तो उसके सीधे खाई में गिरने की आशंका थी। ऐसे में तीनों युवकों की जान बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
पहाड़ी मार्गों पर सड़क किनारे सुरक्षा दीवार, पैरापिट और पर्याप्त संकेतक न होने की स्थिति में वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है। रात में दृश्यता कम होने से खतरा और बढ़ जाता है। डूहल बंगवाला मार्ग पर हुई घटना ने भी इस ओर ध्यान खींचा है।
अनजान पहाड़ी रास्तों पर सावधानी जरूरी
इस घटना से वाहन चालकों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है। पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करते समय रात के वक्त अनजान रास्तों पर जाने से बचना चाहिए। यदि मोबाइल नेविगेशन किसी ऐसे रास्ते की ओर ले जाए, जिसके बारे में जानकारी न हो, तो आगे बढ़ने से पहले स्थानीय लोगों से रास्ते की पुष्टि करना बेहतर रहता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक मोबाइल मैप रास्ते की दिशा तो बता सकता है, लेकिन वह हमेशा सड़क की वास्तविक स्थिति, ढलान, मोड़, चौड़ाई या खाई की गहराई का सही अंदाजा नहीं दे पाता। इसलिए पहाड़ी क्षेत्रों में ड्राइविंग के दौरान नेविगेशन के साथ स्थानीय जानकारी और सड़क की वास्तविक स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
चिंतपूर्णी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात हुई घटना में तीनों युवकों का सुरक्षित बच जाना सबसे बड़ी राहत है। कार का झाड़ियों में अटक जाना उनके लिए जीवनदान साबित हुआ। रात के अंधेरे में अनजान पहाड़ी रास्ते पर हुई यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सफर में थोड़ी सी सावधानी कई बार जिंदगी और मौत के बीच अंतर पैदा कर देती है।





