हिमाचल प्रदेश

विधायक सतपाल सिंह ने कांग्रेस नेताओं के दिल्ली जाने पर सीएम जयराम ठाकुर द्वारा किए गए कटाक्ष पर दिया जवाब

Gulabi
23 Jan 2022 10:53 AM GMT
विधायक सतपाल सिंह ने कांग्रेस नेताओं के दिल्ली जाने पर सीएम जयराम ठाकुर द्वारा किए गए कटाक्ष पर दिया जवाब
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सीएम जयराम ठाकुर द्वारा किए गए कटाक्ष पर जवाब
ऊना। विधानसभा क्षेत्र ऊना के कांग्रेसी विधायक सतपाल सिंह रायजादा (MLA Satpal Singh Raizada) ने कांग्रेस नेताओं के दिल्ली जाने पर सीएम जयराम ठाकुर द्वारा किए गए कटाक्ष का जवाब देते हुए कहा कि सीएम जनता को बताएं कि वह खुद कितनी बार दिल्ली गए, उनकी अपनी पार्टी के बड़े नेता और उनकी अपनी ही सरकार के मंत्री क्यों बार-बार दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चाहे बात उनकी पार्टी की हो या फिर हमारी पार्टी की, दिल्ली जाना दोनों दलों के नेताओं के लिए राजनीतिक जीवन का एक अभिन्न अंग है। हर पार्टी के नेता के लिए अपनी-अपनी राजनीतिक गतिविधियों का फीडबैक हाईकमान को देना लाजमी बात रहती है, यही कारण है कि दोनों दलों के नेता नियमित रूप से दिल्ली (Delhi) जाते हैं। विधायक रायजादा ने कहा कि बार-बार दिल्ली जाने को लेकर कांग्रेस पर बंटे होने के आरोप तो सीएम जयराम ठाकुर हाल ही में हुए उपचुनाव से पहले भी लगाते रहे हैं, अगर मान भी लिया जाए कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी थी या कोई गुटबाजी है इसके बावजूद हमने उपचुनाव में बीजेपी का सूपड़ा पूरी तरह से साफ किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार के यह हालात है कि जनता को अब पकोड़े तलने की भी सलाह दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी की दयनीय हालत का यह आलम है कि विपक्षियों पर छापेमारी करवा कर अपनी स्किन सेफ़ रखने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ खुद बीजेपी (BJP) के अंदर घमासान मचा हुआ है, लेकिन सीएम जयराम (CM Jai Ram) कांग्रेस में घमासान की बात कहकर जनता का ध्यान बंटाने का प्रयास करने में लगे हैं। लेकिन अब प्रदेश की बीजेपी सरकार का समय पूरा हो चुका है अब चाहे जयराम जो मर्जी कर लें सत्ता में तो कांग्रेस ही आएगी। वहीँ पंजाब में हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी को लेकर बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए विधायक रायजादा ने कहा कि केंद्र में सत्तासीन होने के बाद बीजेपी इस तरह के ओछे हथकंडे लगातार अपनाती आ रही है। पश्चिम बंगाल में भी विधानसभा चुनाव से पूर्व बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने वहां की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी करवाई थी। अब यही हथकंडा बीजेपी ने पंजाब में भी अपनाया है जबकि आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पूर्व भी बीजेपी, कांग्रेस के आला नेताओं को इसी तरह निशाने पर रखेगी। लेकिन जनता भी जानती है कि इस तरह की छापेमारी के बाद नतीजा शून्य ही निकलता है। यह तो केवल मात्र चुनावी बेला में राजनीतिक लाभ लेने के लिए विरोधियों को कुचलने का एक प्रयास भर है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि जहां जहां बीजेपी ने इस तरह की कार्रवाई की है वहां उसे मुंह की खानी पड़ी है।
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