हिमाचल प्रदेश

Himachal में पेंशनर्स की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात

Ratna Netam
5 May 2026 6:57 PM IST
Himachal में पेंशनर्स की लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश में सरकारी पेंशनर्स के अधिकारों और कल्याण को लेकर पेंशनर्स संगठन ने मुख्यमंत्री सुखू से मुलाकात की और अपने मांगों का चार्टर सौंपा। यह मुलाकात राज्य में पेंशनरों की समस्याओं के समाधान और उनके कल्याण को लेकर की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, पेंशनर्स संगठन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में पेंशन वितरण में सुधार, समय पर भुगतान, पेंशन में वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार जैसी मांगें लंबित हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजन और पेंशनर्स का जीवन उनके पेंशन पर निर्भर है, इसलिए उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पेंशनर्स संगठन के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सुखू को चार्टर सौंपते हुए कहा कि राज्य में पेंशन व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने और डिजिटल माध्यमों से समय पर पेंशन उपलब्ध कराने के उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सकीय सहायता में सुधार से पेंशनर्स को गंभीर राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखू ने इस अवसर पर पेंशनर्स की समस्याओं को गंभीरता से लिया और कहा कि सरकार पेंशनरों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चार्टर में शामिल मांगों का अध्ययन कर जल्द ही समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
संगठन ने मुख्यमंत्री को बताया कि कुछ जिलों में पेंशन भुगतान में देरी और बैंकिंग प्रक्रियाओं में जटिलता के कारण पेंशनर्स को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि पेंशन भुगतान प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए ताकि किसी भी पेंशनर को परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पेंशनरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशनरों की मांगों को प्राथमिकता दी जाए और समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित टीम गठित की जाए।
पेंशनर्स संगठन के सदस्यों ने इस अवसर पर सरकार के प्रति भरोसा व्यक्त किया और आशा जताई कि उनके सुझावों और मांगों को जल्द ही लागू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि इस तरह की बैठकों से पेंशनरों और सरकार के बीच संवाद मजबूत होता है और उनकी आवश्यकताओं को सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेंशनरों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना राज्य सरकार की सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारी है। इस प्रकार की पहल से वृद्धजन समाज में आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त महसूस करेंगे।
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