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भारी बारिश के अलर्ट के बीच मणिमहेश यात्रा पर रोक, चंबा-भरमौर हाईवे भूस्खलन से बंद

चंबा : हिमाचल प्रदेश में लगातार खराब हो रहे मौसम और भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने ऐतिहासिक श्री मणिमहेश कैलाश यात्रा पर अस्थायी रोक लगा दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपमंडलाधिकारी भरमौर अजय कुमार ने हड़सर से मणिमहेश कैलाश की यात्रा पर 19 जुलाई से पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह प्रतिबंध आगामी आदेश तक लागू रहेगा।
प्रशासन ने सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल हड़सर से आगे मणिमहेश यात्रा पर न जाएं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में भारी बारिश और खराब मौसम की संभावना जताई है। ऐसे हालात में यात्रा मार्ग पर भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अन्य प्राकृतिक घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां भारी बारिश के दौरान रास्तों के क्षतिग्रस्त होने और अचानक आपदा आने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए एहतियात के तौर पर यात्रा रोकने का फैसला लिया गया है।
वहीं, भारी बारिश का असर सड़क यातायात पर भी देखने को मिला है। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण प्रभावित हुआ है। बत्ती हट्टी कमनाला और दुर्गेठी क्षेत्र में पहाड़ से भारी मलबा गिरने के कारण सड़क बंद हो गई है। भूस्खलन से सड़क को काफी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।
सड़क बंद होने के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग को बहाल करने के प्रयास में जुट गए हैं। मशीनरी की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण राहत और बहाली कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं।
मौसम खराब होने के कारण प्रदेश के कई पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
इस बीच मंडी जिले में भी बारिश के दौरान एक हादसा सामने आया। यहां एक एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हालांकि हादसे में किसी बड़े नुकसान की जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
मणिमहेश यात्रा हिमाचल प्रदेश की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए मणिमहेश झील और कैलाश पर्वत की यात्रा करते हैं। यात्रा मार्ग कठिन पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए मौसम की स्थिति का इस यात्रा पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन समय-समय पर मौसम और मार्ग की स्थिति की समीक्षा करता है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और यात्रा मार्ग सुरक्षित पाया जाएगा, आगे की व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और यात्रा प्रतिबंध का पालन करने की अपील की है। भारी बारिश और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए चंबा, भरमौर और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।





