हिमाचल प्रदेश

Mandi: स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ उठी आवाज, परियोजना स्थगित करने को सीएम को ज्ञापन

Admindelhi1
17 Aug 2026 7:49 PM IST
Mandi: स्मार्ट मीटरिंग के खिलाफ उठी आवाज, परियोजना स्थगित करने को सीएम को ज्ञापन
x
स्मार्ट मीटरिंग को लेकर विरोध तेज, परियोजना स्थगित करने की मांग को लेकर ज्ञापन

मंडी: हिमाचल किसान सभा, सुंदरनगर ने प्रदेश बिजली बोर्ड द्वारा सुंदरनगर क्षेत्र में प्रस्तावित स्मार्ट मीटरिंग परियोजना का कड़ा विरोध किया है। इसे लेकर सोमवार को एक ज्ञापन सभा के सचिव रामजी दास की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिशासी अभियंता, विद्युत मंडल, सुंदरनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार को ज्ञापन भेजा। किसान सभा ने कहा कि मौजूदा डिजिटल बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रस्तावित योजना को उपभोक्ताओं की सहमति के बिना लागू नहीं किया जाना चाहिए।

सभा ने स्मार्ट मीटरों की लागत को बिजली टैरिफ के माध्यम से उपभोक्ताओं से वसूल किए जाने की प्रस्तावित व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की और इसके आर्थिक एवं सामाजिक प्रभावों का स्वतंत्र मूल्यांकन करवाने की मांग की। किसान सभा के सदस्य सुरेंद्र सेन ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सुंदरनगर सहित पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना को तत्काल स्थगित किया जाए तथा परियोजना की अनुमानित एवं वास्तविक लागत, निविदा प्रक्रिया और लगभग ₹2,500 करोड़ के वित्तीय औचित्य की स्वतंत्र जांच करवाई जाए। स्मार्ट मीटर की लागत का बोझ उपभोक्ताओं, विशेषकर गरीबों, किसानों और सब्सिडी प्राप्त परिवारों पर न डाला जाए।

जिला सदस्य जगमेल ठाकुर ने मीटर रीडिंग एवं बिलिंग से जुड़े कर्मचारियों के रोजगार की सुरक्षा, उपभोक्ताओं के बिजली खपत संबंधी डेटा की निजता एवं सुरक्षा तथा प्रीपेड बिजली, सब्सिडी में बदलाव अथवा डीवीडी जैसी संभावित व्यवस्थाओं पर सार्वजनिक परामर्श की मांग की। सभा ने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले उपभोक्ता संगठनों की भागीदारी और आवश्यक नियामकीय समीक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल में सचिव रामजी दास, जगमेल ठाकुर, जोगिंदर वालिया, श्याम लाल, योगेश कुमार, कश्मीर सिंह, जय सिंह, राजेश शर्मा, हेम राज, रमजान, गुलाम रसूल, कपूर सिंह, दुनी चंद शर्मा, लाल सिंह, सुरेंद्र सेन सहित अन्य किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। हिमाचल किसान सभा ने स्पष्ट किया कि यदि 10 दिनों के भीतर सरकार एवं बिजली बोर्ड प्रबंधन द्वारा मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो सभा जनहित में लोकतांत्रिक एवं संघर्षात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार एवं बोर्ड प्रबंधन की होगी।

Next Story