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Mandi: आईआईटी मंडी के 13वें दीक्षांत समारोह में छात्रों ने हासिल की डिग्रियां

मंडी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने सोमवार को अपने कैंपस कमांड वैली में 13वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर संस्थान ने कुल 604 छात्रों को डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 71 पीएच.डी., 245 स्नातकोत्तर और 288 बी.टेक स्नातक शामिल हैं। इनमें से 26 प्रतिशत महिला छात्राएं हैं।
समारोह की अध्यक्षता आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मिधर बेहरा ने की जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. शेखर सी. मंडे, पूर्व महानिदेशक, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि विज्ञान और तकनीक का उद्देश्य समाज की सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवता के बिना विज्ञान का कोई उपयोग नहीं और विद्यार्थियों को राष्ट्र की प्रगति में नैतिकता और संवेदनशीलता के साथ योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में प्रो. बुदाराजु श्रीनिवास मूर्ति, निदेशक आईआईटी हैदराबाद और डॉ. जगन्नाथ नायक, निदेशक, उच्च ऊर्जा प्रणाली एवं विज्ञान केंद्र (डीआरडीओ), विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने छात्रों को केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की प्रेरणा दी।
प्रो. बेहरा ने अपने संबोधन में कहा कि आईआईटी मंडी हिमालयी क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और अंतःविषय अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। संस्थान ने न केवल उत्कृष्ट इंजीनियर तैयार किए हैं, बल्कि ऐसे तकनीकी नवप्रवर्तक भी जो स्थिरता की चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पहली बार बी.टेक–एम.टेक ड्यूल डिग्री, बी.टेक विद सेकंड मेजर और बी.टेक विद स्पेशलाइजेशन कार्यक्रमों के पहले बैच ने स्नातक किया है।
समारोह में उत्कृष्ट छात्रों को सम्मानित किया गया। रिया अरोड़ा को बी.टेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में राष्ट्रपति स्वर्ण पदक और संस्थान रजत पदक से सम्मानित किया गया। वैभव केशरवानी को निदेशक स्वर्ण पदक और भाव्या को पोस्टग्रेजुएट कार्यक्रमों में संस्थान स्वर्ण पदक मिला।





