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Mandi: कंसा खेल मैदान के बचाव में जुटे लोग, नेताओं ने जताया सहयोग

मंडी: मंडी जिला के बल्ह विधानसभा क्षेत्र स्थित मशहूर कंसा मैदान के सामने एक निजी स्कूल प्रबंधन द्वारा खड्ड पर दीवार लगाने से से मैदान को खतरा उत्पन्न हो गया है। जिसका स्थानीय लोगों की ओर से विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को लोगों ने कंसा मैदान में एकत्रित होकर इसका विरोध किया। इस अवसर पर कांग्रेस, भाजपा और हिमाचल किसान सभा, बल्ह इकाई की ओर से कंसा मैदान को बचाने की मुहीम शुरू कर दी है। मंगलवार को ऐतिहासिक कंसा खेल मैदान के वजूद को बचाने के लिए एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी ,एपीएमसी मंडी के अध्यक्ष संजीव गुलेरिया व पूर्वमत्री प्रकाश चौधरी के अलावा कंसा, स्यांह, डडौर व आसपास के गांव के सैंकड़ों लोगों ने भाग लिया।
बैठक का आयोजन कंसा खेल मैदान को बरकरार रखने और निजी स्कूल द्वारा बनाई जा रही सुरक्षा दीवार के विरोध में किया गया। जिसमें लोगों ने अपने-अपने स्तर पर सरकार प्रशासन और डीएवी प्रबंधन से मैदान को बचाने का निर्णय लिया कि 29 नवंबर दोपहर बाद कंसा मैदान भी इसी मुद्दे को लेकर एक विशाल बैठक की जाएगी। जिसमें डीसी मडी, एसडीएम बल्ह, बीडीओ बल्ह, वन विभाग के अधिकारी सहित डीएवी प्रबंधन के लोग शामिल होंगे और जनहित के इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा। लोगों का कहना है कि वे अपनी इस हक लड़ाई के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं।
बैठक मे उपस्थित स्थानीय पंचायत के उपप्रधान ओमप्रकाश, अश्वनी सैनी, अनिल सैनी ,आलम राम, भवानी आजाद, कुलदीप ठाकुर ,ऋषभ शर्मा, सीताराम वर्मा ,रामचंद्र सैनी आदि का कहना है कि किसी भी सूरत में खड्ग के बीच में सुरक्षा दिवार लगाने का कार्य नहीं करने देंगे उन्होंने कहा कि खडड में सुरक्षा दीवार लगाना प्रकृति से खुले तौर पर छेड़छाड़ का मामला है कि प्रकृति से इस तरह से खिलवाड़ होने पर प्रशासन व सरकार की अनदेखी आने वाले समय में जनता पर भारी पड़ेगी। अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले समय में जन आंदोलन शुरू करेंगे और उन अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग करेंगें, जिनके द्वारा खड्ड की भूमि को निजी स्कूल प्रबंधन को लीज पर दिया गया है। स्थानीय विधायक इंद्र सिंह गांधी का कहना है कि खड्ड में दीवार लगाना बिल्कुल भी न्यायोचित नहीं है, न्यायालय आदेशों के मुताबिक अगर कार्य हो रहा है तो स्थान की वास्तविकता को देखते हुए शासन प्रशासन को जनहित को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए मैदान भी बचा रहे और खड्ड का वास्तविक स्वरूप भी बरकरार रहे अन्यथा नियमों को दरकिनार कर दी गई लीज को कैंसिल करने की मांग सरकार से की जएगी।वहीं पर एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया ने कहा कि लीज भूमि की आड़ में खड्ड में दीवार लगाना ही गलत निर्णय है, आने वाली 29 तारीख को डीसी मंडी एसडीएम बल्ह, डीएवी प्रशासन सहित अन्य विभागीय व प्रशासनिक लोगों कि मौजूदगी मे बैठक की जाएगी। जिसमें इस समस्या के हल को लेकर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। इधर, पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी का कहना है कि यह जनता से जुड़ा हुआ मुद्दा है, इसलिए सभी दलों के लोग एक साथ हैं। उन्होंने कहा कि डीएवी स्कूल प्रबंध ने गलत सूचना हाईकोर्ट में देकर आधा बीघा से लीज बढ़ाकर पांच बीघा करवा दी। जिसकी जद में श्मशानघाट, खड्ड, जलशक्ति विभाग का पंप हाउस, बिजली का ट्रांसफार्मर आदि सब आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि उस समय की पंचायत द्वारा भूमि लीज के आवेदन के लिए दी गई एनओसी बिल्कुल ही गलत निर्णय था। बाकी खड्ड की भूमि को लीज पर दिया गया है, उसको लेकर सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दायर की जाएगी। किसी भी सूरत में खड्ड में दिवार का निर्माण नहीं होने दिया। जाएगा। किसान सभा के अध्यक्ष प्रेम चौधरी ने क्षेत्र की सभी पंचायतों की जनता से अपील की है कि कंसा खेल मैदान को बचाने के लिए एकजुट होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि कंसा खड्ड के बीचों-बीच डीएवी स्कूल द्वारा बनाई जा रही दीवार से न केवल खेल मैदान का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा, बल्कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग का पेयजल स्रोत तथा डडौर–बग्गी पुल भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने की आशंका है। बरसात के समय इस निर्माण कार्य के कारण पानी का बहाव बदल सकता है, जिससे सियांह, डडोर, छातड़ू और कुम्मी गांवों में जलभराव जैसी गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने बताया कि आगामी 29 नवंबर को शाम 3:00 बजे प्रस्तावित संयुक्त बैठक में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें और आंदोलन को सफल बनाएं।





