हिमाचल प्रदेश

Mandi: स्मार्ट मीटर योजना का विरोध तेज, सड़कों पर उतरे उपभोक्ता

Admindelhi1
16 July 2026 12:10 PM IST
Mandi: स्मार्ट मीटर योजना का विरोध तेज, सड़कों पर उतरे उपभोक्ता
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मंडी: प्राइवेट कंपनी और बिजली बोर्ड के कुछ कर्मचारियों द्वारा बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने तथा उपभोक्ताओं को डराने व धमकाने के विरोध में लोग सड़कों पर उतरे। जिला परिषद् सदस्य कुशाल भारद्वाज की अगुवाई में चौंतड़ा के स्थानीय व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर व्यापार मंडल चौंतड़ा के अध्यक्ष अनिल ठाकुर, उपाध्यक्ष अनिल सूद, सचिव रविंदर कुमार, त्रिलोक चौहान, डॉक्टर प्रभात शर्मा, सुरेन्द्र राणा, पंकज सूद, पंकज चौधरी, रंगीलू राम सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने हिस्सा लिया। प्राइवेट कंपनी के गुंडों की दादागिरी और बिजली बोर्ड के अधिकारियों की धमकियों के खिलाफ एकजुट विरोध करने तथा सभी उपभोक्ताओं को आंदोलन में शामिल करने बारे स्थानीय दुकानदारों ने कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में बैठक आयोजित कर एकजुट अगली रणनीति भी बनाई।

इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने कहा कि स्मार्ट मीटर की यह योजना असल में बिजली के वितरण के निजीकरण करने, उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सबसीडी बंद करने, कर्मचारियों की छंटनी करने तथा पेंशन को बंद करने की दिशा में एक शुरूआत है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति अधिनियम-1948 और राज्य बिजली बोर्डों को नियंत्रित करने वाले समान अधिनियमों में जिस सामान्य सिद्धांत का पालन किया गया था वह सामजिक, आर्थिक विकास और सामाजिक टैरिफ की अवधारणा पर जोर देना हैं। वर्तमान केंद्र सरकार व हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार बिजली के निजीकरण के लिए तत्पर है, जिसमें बिजली के वितरण को प्राइवेट कम्पनियों के हवाले किया जाना है। राज्य बिजली बोर्ड को समाप्त कर अम्बानी-अदानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों को बिजली वितरण का कार्य सौंप दिया जाएगा. इससे लाखों कर्मचारियों कि नौकरी चली जाएगी, पेंशनधारकों की पेंशन खतरे में पड़ जायेगी। बिजली बोर्ड में कोई नौकरी ही नहीं मिलेगी और सबसे बड़ी चोट यह कि उपभोक्ताओं को बहुत महंगी बिजली मिलेगी।

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