हिमाचल प्रदेश

Mandi: एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषणमुक्त सफर की पहल

Admindelhi1
21 Sept 2026 10:21 AM IST
Mandi: एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषणमुक्त सफर की पहल
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एचआरटीसी की ई-बसों से यात्रियों को आरामदायक सफर

मंडी: प्रदेश में स्वच्छ और हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की पहल के सकारात्मक परिणाम अब मंडी में भी नजर आ रहे हैं। जिला के लिए 25 नई इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। इनके संचालन से जहां यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर की सुविधा मिल रही है। वहीं पर्यावरण संरक्षण के साथ ही आय बढ़ाने की दिशा में भी यह महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है। प्रदेश सरकार ने अगले पांच वर्षों में एचआरटीसी को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से निगम की परिचालन लागत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में इससे ऊर्जा लागत में लगभग 12 से 13 रुपए प्रति किलोमीटर तक की बचत हो रही है। ईंधन एवं परिचालन व्यय में कमी के साथ-साथ इससे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की समग्र दक्षता में भी सुधार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 17 अगस्त को वर्चुअल माध्यम से मंडी जिला को 25 ई-बसों की सौगात दी थी। इसके बाद जिला में नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन अनेक महत्वपूर्ण रूट पर किया जा रहा है। इनमें लंबी दूरी की बसों में मंडी-शिमला, मंडी-पालमपुर, मंडी-शिमला-तुलाह, मंडी-चंडीगढ़ के साथ ही लोकल रूट मंडी-सुंदरनगर, मंडी-बटाहर, मंडी-तांदी, मंडी-पाली, मंडी-रोपा, मंडी-रिवालसर-नैनादेवी, मंडी-कोट, मंडी-कोटली, मंडी-माहन तथा मंडी-दुर्गापुर इत्यादि शामिल हैं। इलेक्ट्रिक बसों को लेकर यात्रियों में उत्साह है।

मंडी के ज्वालापुर निवासी इंद्र ठाकुर ने मंडी से शिमला की यात्रा इलेक्ट्रिक बस में की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सफर बहुत अच्छा और आरामदायक रहा। इससे पर्यावरण को नुक्सान नहीं होता। वंशिका जम्वाल ने मंडी से दुर्गापुर रूट पर इलेक्ट्रिक बस में सफर को सुखद अनुभव बताया।

वहीं जसवंत कुमार ने मंडी से तुलाह तक इलेक्ट्रिक बस में सफर पर कहा कि बस में बैठने के बाद किसी तरह का शोर महसूस नहीं होता और यात्रा काफी आरामदायक रहती है। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। कोटली निवासी किरण राणा ने इलेक्ट्रिक बसों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम जनता के लिए बहुत अच्छी सुविधा प्रदान की है। सीटें आरामदायक होने से यात्रा अनुभव बेहतर हो जाता है। निगम के बेड़े में शामिल पर्यावरण अनुकूल इलेक्ट्रिक बसें अब मुनाफे का सौदा साबित हो रही हैं।

हरित राज्य के संकल्प को गति देते हुए निगम की मंडी और सुंदरनगर इकाइयों ने इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से महज 24 दिनों के भीतर लाखों रुपये की बड़ी वित्तीय बचत दर्ज की है।

निगम के मंडलीय प्रबंधक उत्तम सिंह के अनुसार, 17 अगस्त से 10 सितम्बर की अवधि में दोनों डिपो में इलेक्ट्रिक बसों का प्रदर्शन शानदार रहा है। मंडी डिपो के तहत इस अवधि में 60,060 किलोमीटर की दूरी इन 15 बसों ने तय की, जिस पर कुल चार्जिंग खर्च 7,95,795 रुपए आया। इन्हीं रूटों पर पहले पारंपरिक डीजल बसें चलाई जा रही थी, तो इतने ही दूरी पर ईंधन का कुल खर्च 19,30,055 रुपए बैठ रहा था। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से मंडी इकाई को 11,34,260 रुपए का शुद्ध मुनाफा हुआ है। सुंदरनगर डिपो में भी 10 इलेक्ट्रिक बसों ने कुल 35,044 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान बिजली चार्जिंग पर मात्र 2,10,037 रुपए का खर्च आया, जबकि डीजल बसों के संचालन पर ईंधन का व्यय 10,07,732 रुपए हो रहा था। सुंदरनगर इकाई को भी 7,97,695 रुपए का बंपर लाभ प्राप्त हुआ है। निगम प्रबंधन के मुताबिक, दोनों इकाइयों को मिलाकर निगम ने इस अल्प अवधि में कुल 19,31,955 रुपए की बचत की है। इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए जिले में चार्जिंग अवसंरचना को भी विकसित किया जा रहा है। मंडी बस स्टैंड और मंडी वर्कशॉप तथा सुंदरनगर बस स्टैंड में चार्जिंग स्टेशन स्थापित हो चुके हैं, जबकि जंजैहली में प्रस्तावित है। चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

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