हिमाचल प्रदेश

Mandi: आपदा प्रभावित सराज में अब भी नहीं हुआ पूरा सुधार, जयराम ठाकुर का सरकार पर निशाना

Admindelhi1
30 Jun 2026 6:50 PM IST
Mandi: आपदा प्रभावित सराज में अब भी नहीं हुआ पूरा सुधार, जयराम ठाकुर का सरकार पर निशाना
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आपदा के बाद भी सराज क्षेत्र में दिक्कतें जारी

मंडी: मंडी और कुल्लू क्षेत्र में गत वर्ष 30 जून को आई भीषण प्राकृतिक त्रासदी को पूरा एक साल हो गया है। इसके बाद भी सराज विधानसभा क्षेत्र के हालात बदहाल बने हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा प्रभावितों की कोई चिंता नहीं है। वे जनता की परवाह किए बिना सिर्फ मस्ती में सरकार चलाने में व्यस्त हैं।

उन्होंने कहा कि बीते वर्ष आज ही के दिन आई इस प्रलयकारी आपदा में अकेले सराज क्षेत्र में 33 लोगों की अकाल मृत्यु हो गई थी, सैंकड़ों लोग बेघर हो गए थे। जबकि एक हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के भारी नुक्सान का आंकलन किया गया था, लेकिन सरकार एक साल बाद भी इन जख्मों को भरने में पूरी तरह नाकाम रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने मंगलवार को सराज पहुंचकर जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि आज भी सराज के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र में सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को केवल अस्थाई तौर पर ही बहाल किया गया है। जिसके कारण वर्तमान बरसात के मौसम में मामूली बारिश होते ही सारी व्यवस्थाएं ठप हो जाती हैं। लोगों के सामने जीवन जीने का गंभीर संकट खड़ा हो जाता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि क्षेत्र की 150 करोड़ रुपए की प्रमुख पेयजल योजना आज भी बंद पड़ी है। जिससे लगभग तीन दर्जन पंचायतों की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो रही है। उन्होंने सराज और प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया कि वे अपनी आखिरी सांस तक पूरी ताकत के साथ उनके हक के लिए खड़े रहेंगे और पुनर्निर्माण के इस कार्य को हर हाल में पूरा करेंगे।

इसी कड़ी में जयराम ठाकुर ने हाल ही में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में प्रसव के दौरान हुई उनके गृह क्षेत्र सराज की रजनी शर्मा उर्फ मंजू के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बालीचौकी के सुनारू गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। परिजनों के दिल दहला देने वाले आरोपों को गंभीरता से सुनते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि इस पूरे संवेदनशील प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

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