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मनाली : हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में ट्रैकिंग के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जम्मू से आए एक ट्रैकिंग दल के टीम लीडर धनंजय वर्मा की मझाच क्षेत्र में नाला पार करते समय तेज बहाव की चपेट में आने से मौत हो गई। रविवार सुबह उनका शव बरामद किया गया। हादसे के बाद ट्रैकिंग दल और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को जम्मू से आया एक ट्रैकिंग दल मनाली के मझाच क्षेत्र से ऊपर पहाड़ी इलाके की ओर ट्रैकिंग के लिए गया था। दल के सदस्य प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लेते हुए पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे। ट्रैकिंग पूरी करने के बाद जब सभी सदस्य वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया।
बताया जा रहा है कि वापसी के दौरान टीम लीडर धनंजय वर्मा मझाच नाले को पार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक नाले में पानी का बहाव तेज हो गया और वह उसकी चपेट में आ गए। देखते ही देखते वह तेज धार में बह गए। दल के अन्य सदस्यों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिली।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर युवक की तलाश शुरू की। शनिवार देर शाम तक खोज अभियान जारी रहा, लेकिन धनंजय वर्मा का पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह बचाव दल ने दोबारा तलाश अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद उनका शव बरामद कर लिया गया। शव मिलने के बाद प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की और परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।
मनाली और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रैकिंग और पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्थानीय प्रशासन समय-समय पर पर्यटकों को मौसम और रास्तों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने की अपील करता है।
धनंजय वर्मा ट्रैकिंग दल के टीम लीडर थे और उन्हें पर्वतीय क्षेत्रों का अनुभव भी था। बावजूद इसके अचानक बदले हालात के कारण यह हादसा हो गया। घटना ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग के दौरान सुरक्षा उपायों की जरूरत को उजागर किया है।
स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम या तेज बहाव वाले स्थानों पर जोखिम न उठाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में छोटे नाले भी बारिश के समय खतरनाक रूप ले सकते हैं। इसलिए पर्यटकों को स्थानीय गाइड और प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियों के लिए पहुंचते हैं। मनाली, सोलंग घाटी, रोहतांग क्षेत्र और आसपास के इलाकों में ट्रैकिंग करने वालों की संख्या काफी अधिक रहती है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
इस हादसे के बाद ट्रैकिंग दल के अन्य सदस्यों की भी स्थिति की जानकारी ली गई। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हादसे के कारणों और घटनाक्रम की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
धनंजय वर्मा की मौत से उनके साथियों और परिवार में दुख का माहौल है। एक साहसिक यात्रा अचानक हादसे में बदल गई, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
मनाली में हुए इस हादसे ने पर्यटकों को यह संदेश दिया है कि पहाड़ों में रोमांच के साथ सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। मौसम की स्थिति, जलस्तर और स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी लेकर ही ट्रैकिंग जैसे अभियानों पर निकलना चाहिए, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।





