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शिमला। हिमाचल प्रदेश के टैक्सी और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण परिवहन मुद्दों को उठाया। बैठक में कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी मार्ग पर गति सीमा बढ़ाने को लेकर सहमति बनी है।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। इनमें सड़क सुरक्षा, पर्यटन वाहनों की सुविधा और परिवहन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी मार्ग को लेकर लिया गया। इस मार्ग पर वर्तमान गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसे बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा करने पर सहमति बनी है। इससे हिमाचल आने वाले पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को यात्रा में अधिक सुविधा मिलेगी।
कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी मार्ग हिमाचल के लिए बेहद महत्वपूर्ण सड़क संपर्क है। यह मार्ग प्रदेश के कई हिस्सों को जोड़ता है और पर्यटन एवं व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से भी अहम माना जाता है। गति सीमा बढ़ने से यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बैठक में प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े वाहन संचालकों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाना जरूरी है।
बैठक में कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहन संचालकों का मुद्दा भी उठाया गया। उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि प्रदेश के पर्यटक वाहन संचालक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने पर्यटक वाहनों के रूप में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की स्वीकार्य आयु सीमा बढ़ाने का आग्रह किया। वर्तमान में यह सीमा 12 वर्ष है, जिसे बढ़ाकर 15 वर्ष करने की मांग रखी गई।
टैक्सी और पर्यटन वाहन संचालकों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन संचालन की परिस्थितियां अलग होती हैं। ऐसे में वाहनों की आयु सीमा बढ़ने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और छोटे कारोबारियों को फायदा पहुंचेगा।
पर्यटन हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार है। हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। ऐसे में बेहतर सड़क सुविधा और सुगम परिवहन व्यवस्था पर्यटन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है।
उपमुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के सामने प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यटन, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा भी हैं।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाया। बैठक में कीरतपुर-बिलासपुर-मंडी मार्ग की गति सीमा बढ़ाने सहित अन्य मांगों पर चर्चा हुई और आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी।
विशेषज्ञों के अनुसार, गति सीमा में वृद्धि से यात्रा सुविधा बढ़ेगी, लेकिन सड़क सुरक्षा के मानकों का पालन करना भी जरूरी होगा। हाईवे पर बेहतर यातायात प्रबंधन और नियमों का पालन दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।
वाहन आयु सीमा बढ़ाने की मांग पूरी होने पर टैक्सी और पर्यटन क्षेत्र में जुड़े हजारों लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे उन्हें पुराने वाहनों को जल्द बदलने के आर्थिक दबाव से राहत मिल सकती है।
हिमाचल प्रदेश सरकार लगातार केंद्र के साथ मिलकर सड़क और परिवहन क्षेत्र में सुधार के प्रयास कर रही है। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र सरकार जल्द ही अन्य मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लेगी। इससे प्रदेश के परिवहन और पर्यटन कारोबार को नई गति मिल सकती है।





