हिमाचल प्रदेश

मंडी कोर्ट का बड़ा आदेश, डिफॉल्टर की संपत्ति पर कब्जा लेने के निर्देश

nidhi
28 July 2026 7:54 AM IST
मंडी कोर्ट का बड़ा आदेश, डिफॉल्टर की संपत्ति पर कब्जा लेने के निर्देश
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बैंक लोन बकाया होने पर संपत्ति कब्जे में लेने की प्रक्रिया तेज

Market: हिमाचल प्रदेश के मंडी में बैंक ऋण नहीं चुकाने से जुड़े एक मामले में अदालत ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। मंडी कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि बैंक के बकाया ऋण की वसूली के लिए गिरवी रखी गई संपत्ति पर कब्जा लेने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर पूरी की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।

मामले के अनुसार, उधारकर्ता द्वारा लंबे समय तक बैंक का ऋण नहीं चुकाने पर बैंक ने कानून के तहत वसूली की प्रक्रिया शुरू की थी। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां बैंक ने गिरवी संपत्ति पर कब्जा दिलाने की मांग की।
सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एक महीने के भीतर संपत्ति का कब्जा बैंक को दिलाने की प्रक्रिया पूरी करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई पूरी तरह लागू कानूनों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप होनी चाहिए।
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई उधारकर्ता लंबे समय तक ऋण का भुगतान नहीं करता और खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित कर दिया जाता है, तब बैंक को संबंधित कानूनों के तहत गिरवी रखी संपत्ति से बकाया राशि की वसूली का अधिकार होता है। हालांकि, ऐसी कार्रवाई न्यायिक और वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए ही की जाती है।
अदालत के निर्देश के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारी अब तय समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। यदि उधारकर्ता की ओर से कोई वैधानिक राहत या उच्च अदालत से अलग आदेश नहीं मिलता है, तो बैंक को संपत्ति का कब्जा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यह आदेश उन मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां बैंक लंबे समय से बकाया ऋण की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समयबद्ध कार्रवाई से बैंकिंग प्रणाली में अनुशासन बनाए रखने और वित्तीय संस्थानों के हितों की रक्षा करने में मदद मिलती है।
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