- Home
- /
- राज्य
- /
- हिमाचल प्रदेश
- /
- शिमला में साइबर ठगी का...
शिमला में साइबर ठगी का बड़ा मामला, सिम बंद होने के बाद खाते से 11 लाख गायब

शिमला। हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शिमला जिले के चिड़गांव क्षेत्र में एक व्यक्ति के बैंक खाते से लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित का मोबाइल सिम अचानक बंद हो गया और इसके बाद कुछ ही दिनों में उसके बैंक खाते से लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई।
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत थाना चिड़गांव में दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर टीम की मदद से ठगी की पूरी कड़ी का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
33 UPI ट्रांजेक्शन के जरिए निकाले 11 लाख रुपये
पुलिस के अनुसार, चिड़गांव तहसील के चिचवाड़ी निवासी 65 वर्षीय दारा सिंह बांशा ने शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने पुलिस को बताया कि 5 सितंबर से 18 सितंबर 2026 के बीच उनके बैंक खाते से कुल 33 अनाधिकृत यूपीआई लेनदेन किए गए। इन ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से कुल 11,04,799.61 रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई।
पीड़ित को इस ठगी की जानकारी तब हुई जब उन्हें अपने बैंक खाते से पैसे निकलने का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
अचानक बंद हो गया था सिम कार्ड
दारा सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका मोबाइल सिम अचानक बंद हो गया था। सिम बंद होने के बाद उन्हें किसी तरह के बैंकिंग संदेश और ओटीपी की जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
आरोप है कि इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से जुड़े यूपीआई माध्यम का गलत इस्तेमाल कर पैसे निकाल लिए।
साइबर अपराधों में अक्सर ठग मोबाइल नंबर, सिम और डिजिटल बैंकिंग जानकारी का फायदा उठाकर लोगों को निशाना बनाते हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद चिड़गांव थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड, यूपीआई ट्रांजेक्शन डिटेल और डिजिटल गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से ठगी करने वाले आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
बढ़ रहे हैं साइबर ठगी के मामले
हिमाचल प्रदेश समेत देशभर में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
कई मामलों में ठग सिम बंद होने, बैंक खाते में समस्या, केवाईसी अपडेट या अन्य बहाने बनाकर लोगों की निजी जानकारी हासिल करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल नंबर और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
लोगों को सतर्क रहने की अपील
साइबर पुलिस लगातार लोगों से अपील करती है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा न करें।
यदि मोबाइल सिम अचानक बंद हो जाए तो तुरंत संबंधित मोबाइल कंपनी और बैंक को सूचना देनी चाहिए।
इसके अलावा किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान कॉल पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी देने से बचना चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम कहां-कहां भेजी गई और इसके पीछे कौन लोग हैं।
जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो पाएगी।
शिमला के चिड़गांव में सामने आया यह मामला एक बार फिर डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को सामने लाता है। लोगों को ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।





