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Himachal में हिमकेयर योजना में बड़े बदलाव, कई खर्च क्लेम से बाहर

Himachal हिमाचल : हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत क्लेम भुगतान के नियमों में अहम बदलाव किए हैं। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब सरकारी अस्पतालों में हिमकेयर योजना के तहत इलाज कराए जाने पर भुगतान केवल वास्तविक व्यय (एक्चुअल एक्सपेंडिचर) या निर्धारित पैकेज दर में से जो भी कम होगी, उसी आधार पर किया जाएगा। यह नया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, अब कई सामान्य और जरूरी खर्चों को क्लेम से बाहर रखा गया है। इसमें पंजीकरण शुल्क, सामान्य वार्ड के बेड शुल्क, नर्सिंग और बोर्डिंग शुल्क, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और चिकित्सकों की फीस, एनेस्थीसिया, रक्त चढ़ाने, आक्सीजन, ऑपरेशन थियेटर शुल्क और सर्जिकल उपकरणों की लागत शामिल हैं। इसके अलावा दवाओं और औषधियों, एक्सरे, एमआरआइ, सीटी स्कैन सहित पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच का खर्च भी क्लेम योग्य नहीं रहेगा।
नई अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मरीज के भोजन और इलाज के दौरान उपयोग होने वाली अन्य उपभोज्य सामग्री पर भी प्रतिपूर्ति नहीं दी जाएगी। इससे पहले हिमकेयर योजना के तहत इन खर्चों का भुगतान मरीजों को क्लेम के माध्यम से किया जाता था। सरकार का कहना है कि यह बदलाव योजना की वित्तीय स्थिरता बनाए रखने और सीमित संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
हिमकेयर योजना राज्य के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की एक महत्वपूर्ण योजना मानी जाती है। योजना के तहत गरीब और सीमांत वर्ग के मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए आर्थिक मदद मिलती थी। लेकिन नई अधिसूचना के बाद कई आम खर्च अब प्रतिपूर्ति के दायरे से बाहर हो गए हैं, जिससे मरीजों को अब निजी खर्चों के लिए स्वयं भुगतान करना होगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि योजना में यह बदलाव सरकारी अस्पतालों पर दबाव कम करने के उद्देश्य से किया गया है। वे कहते हैं कि अस्पतालों में बढ़ती मांग और सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण ऐसे सुधार आवश्यक हो गए थे। वहीं, मरीजों और उनके परिवारों के लिए यह बदलाव अतिरिक्त आर्थिक बोझ पैदा कर सकता है।
अधिसूचना के अनुसार, हिमकेयर योजना में भुगतान केवल निर्धारित पैकेज दर या वास्तविक खर्च में से कमतर राशि पर होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और योजना का लाभ सही मरीजों तक पहुंचे।
हिमकेयर योजना में यह बदलाव राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीतियों के तहत किए गए नए उपायों का हिस्सा है। सरकार ने कहा है कि यह कदम स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और योजना की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
इस नई व्यवस्था के बाद, सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को पहले अपने खर्च का आकलन करना होगा और केवल वही खर्च क्लेम कर सकेंगे जो अधिसूचना में तय किए गए नियमों के अनुरूप हों। मरीजों और उनके परिवारों को सलाह दी गई है कि वे अस्पताल में भर्ती होने से पहले क्लेम और खर्च संबंधी सभी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
इस प्रकार, हिमकेयर योजना में बदलाव मरीजों के लिए कुछ खर्चों पर प्रतिपूर्ति बंद करने और भुगतान प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। यह अधिसूचना राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और संसाधनों के कुशल उपयोग की पहल के तहत लागू की गई है।





