हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 32 IAS और HAS अधिकारियों के तबादले

Kavita2
6 July 2026 5:39 PM IST
हिमाचल प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 32 IAS और HAS अधिकारियों के तबादले
x

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किए हैं। सरकार ने कुल 32 अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिनमें 16 आईएएस और 16 एचएएस अधिकारी शामिल हैं। इस बड़े स्तर के तबादला आदेश के बाद कई जिलों और विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है।

इस फेरबदल में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 2010 बैच के आईएएस अधिकारी सुदेश कुमार मोख्टा को लेकर लिया गया है। पिछले लगभग छह महीनों से किसी विभागीय जिम्मेदारी के बिना प्रतीक्षा कर रहे मोख्टा को अब सचिव सहकारिता के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्हें लंबे समय से पदभार मिलने का इंतजार था, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और कार्यक्षम बनाने के उद्देश्य से यह तबादले किए गए हैं। इसमें कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं जो पहले एसडीएम के पद पर तैनात थे। सरकार ने चार आईएएस अधिकारियों को, जो एसडीएम के रूप में कार्यरत थे, अब अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।

कुल 32 अधिकारियों के इस तबादले में 16 आईएएस और 16 एचएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इससे राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों में प्रशासनिक संतुलन को बेहतर करने का प्रयास किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना, विभागीय कार्यप्रणाली को मजबूत करना और लंबित कार्यों के निष्पादन में सुधार करना है। सरकार का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

सुदेश कुमार मोख्टा को सचिव सहकारिता बनाए जाने को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय माना जा रहा है। सहकारिता विभाग राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सहकारी समितियों और कृषि आधारित योजनाओं के संचालन में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस पद पर अनुभवी अधिकारी की तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं एसडीएम स्तर पर किए गए बदलावों से संबंधित जिलों में प्रशासनिक गतिविधियों में भी असर देखने को मिल सकता है। नए अधिकारियों को अब अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था, विकास योजनाओं और जनसुविधाओं की जिम्मेदारी संभालनी होगी।

सरकार के इस बड़े फेरबदल को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत समय-समय पर अधिकारियों की तैनाती और स्थानांतरण किए जाते हैं ताकि शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनी रहे।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के व्यापक तबादलों से जहां नई ऊर्जा और कार्यकुशलता आती है, वहीं शुरुआती दौर में विभागीय समन्वय की चुनौती भी सामने आ सकती है। हालांकि सरकार का दावा है कि सभी स्थानांतरण संतुलित तरीके से किए गए हैं।

राज्य में इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल देखी जा रही है। अधिकारी अब अपनी नई जिम्मेदारियों को संभालने की तैयारी में जुट गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी तबादले प्रशासनिक आवश्यकता और कार्यहित को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। आने वाले समय में इन बदलावों के परिणाम शासन व्यवस्था और विकास कार्यों की गति पर दिखाई देंगे।

Next Story