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हिमाचल प्रदेश
28 लाख का नुकसान और मुआवजा सिर्फ 5 लाख, फोरलेन निर्माण पर उठे सवाल
nidhi
26 Sept 2026 11:40 AM IST

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फोरलेन निर्माण से मकानों को नुकसान
शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में फोरलेन निर्माण कार्य के कारण आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। प्रभावित लोगों का दावा है कि निर्माण के दौरान उनके मकानों में दरारें आ गई हैं और कई हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान का आकलन करीब 28 लाख रुपये किया गया है, जबकि प्रभावित परिवार को महज 5 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है।
फोरलेन निर्माण के दौरान भारी मशीनों के इस्तेमाल, कटिंग और अन्य निर्माण गतिविधियों के कारण आसपास बने मकानों पर असर पड़ने का आरोप है। प्रभावित लोगों का कहना है कि निर्माण शुरू होने के बाद उनके घरों की दीवारों और अन्य हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगीं। इससे मकानों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
28 लाख का नुकसान होने का दावा
प्रभावित पक्ष के अनुसार मकान को हुए नुकसान का आकलन लगभग 28 लाख रुपये किया गया है। इसके बावजूद मुआवजे के रूप में केवल पांच लाख रुपये दिए जाने की बात कही गई है। इसे लेकर परिवार ने नाराजगी जताई है और नुकसान के अनुरूप मुआवजा देने की मांग की है। परिवार का कहना है कि मकान की मरम्मत और क्षतिग्रस्त हिस्सों को दोबारा ठीक कराने में बड़ी रकम खर्च होगी। ऐसे में पांच लाख रुपये की राशि पर्याप्त नहीं है। प्रभावित लोग प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसी से मामले पर दोबारा विचार करने की मांग कर रहे हैं।
मकानों में आई दरारों से बढ़ी चिंता
फोरलेन परियोजनाओं में पहाड़ों की कटिंग और भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जाता है। प्रभावित लोगों का आरोप है कि निर्माण गतिविधियों के बाद मकानों में दरारें आने लगीं। कुछ स्थानों पर दीवारों और जमीन के हिस्सों में भी नुकसान दिखाई दिया है। लोगों को आशंका है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान जमीन में और बदलाव हुआ तो मकानों को अतिरिक्त नुकसान पहुंच सकता है। इसी कारण प्रभावित परिवार नुकसान का विस्तृत और निष्पक्ष आकलन कराने की मांग कर रहे हैं।
मुआवजे को लेकर उठे सवाल
मकान को हुए कथित नुकसान और मुआवजे की राशि में बड़ा अंतर होने के कारण मामला विवाद का विषय बन गया है। प्रभावित लोगों का कहना है कि नुकसान का वास्तविक आकलन करने के बाद ही मुआवजा तय किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि फोरलेन जैसी बड़ी परियोजनाओं के निर्माण के दौरान आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा और उनकी संपत्ति का ध्यान रखना जरूरी है। यदि निर्माण के कारण किसी मकान या जमीन को नुकसान होता है तो प्रभावित परिवार को उचित राहत मिलनी चाहिए।
प्रभावित परिवार ने मांगा उचित मुआवजा
परिवार ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और मकान को हुए नुकसान का दोबारा आकलन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उन्हें वास्तविक नुकसान के अनुसार मुआवजा दिया जाए, ताकि मकान की मरम्मत कराई जा सके। फिलहाल प्रभावित लोगों को प्रशासन और संबंधित विभाग से राहत की उम्मीद है। मकानों को हुए नुकसान और मुआवजे को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच और आकलन के बाद ही स्पष्ट होगी।
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