हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री स्वावलांबन योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल लांच, करें आवेदन, महिलाओं-दिव्यांगों को 35 अन्य को 25 प्रतिशत सबसिडी

Sarita
12 Sept 2022 8:09 AM IST
Launch online portal for Mukhyamantri Swavalamban Yojana, apply, 25 percent subsidy to 35 others to women and differently abled
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न्यूज़ क्रेडिट : divyahimachal.com

उद्योग विभाग ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ लेने के लिए नया पोर्टल शुरू किया है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। उद्योग विभाग ने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ लेने के लिए नया पोर्टल शुरू किया है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के लिए लाभार्थी अब उद्योग विभाग को ऑनलाइन भी आवेदन कर सकेंगे। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत युवा खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए उद्योग विभाग को लोन के लिए आवेदन कर सकेंगे। योजना के तहत 18 से 50 वर्ष तक की आयु सीमा के लोग लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत उद्योग विभाग द्वारा चिन्हित सी श्रेणी क्षेत्रों में भूमि, शैडो, दुकानों के आबंंटन पर 75 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत महिलाओं और पुरुषों अलग-अलग सबसिडी दी जा रही है। इस स्कीम के तहत प्रदेश के युवा जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष और महिलाएं जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच है, उन्हें निर्माण क्षेत्र, व्यापार और जनहित सेवा क्षेत्र में एक करोड़ रुपए तक के लोन पर सबसिडी का लाभ दिया जा रहा है।

महिलाओं और पुरुषों के लिए सबसिडी देने की दर अलग-अलग तय की गई है। मशीनरी और प्लांट में निवेश करने पर महिलाओं और दिव्यांगों को 35 प्रतिशत, अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को 30 प्रतिशत और अन्य को 25 प्रतिशत तक की सबसिडी का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा 60 लाख तक के ऋण पर पांच प्रतिशत की दर से तीन साल तक ब्याज सबसिडी भी दी जा रही है। मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत 7614 मामले बैंक द्वारा मंजूर किए गए हैं। योजना के तहत 1393.45 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित और 20921 लोगों को रोजगार मिलेगा। उद्योग विभाग अभी तक 223.52 करोड़ रुपए की सबसिडी का लाभ लोगों को दे चुका है। उद्योग विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना का लाभ लेने के लिए अब लोग ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए नया पोर्टल लांच कर दिया है।
इन सब के लिए लोन
ई-रिक्शा, सौर ऊर्जा पर आधारित थ्री व्हीलर, मोबाइल फूड वैन, डेयरी, कृषि, खनन से संबंधित यूनिट लगाने को लोन दिया जा रहा है। सेवा क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए अगर माल वाहन की जरूरत हो तो एक संयुक्त प्रस्ताव के रूप में स्वीकृत किए जाने का प्रावधान भी योजना में शामिल किया है।
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