हिमाचल प्रदेश

कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना को मिलेगी रफ्तार

Kavita2
11 Oct 2026 1:15 PM IST
कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना को मिलेगी रफ्तार
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मंडी। हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को गति देने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंडी बाईपास के अंतर्गत आने वाली मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर एनएचएआई का नया अत्याधुनिक कार्यालय भवन बनाया जाएगा। करीब डेढ़ बीघा भूमि पर प्रस्तावित इस तीन मंजिला प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की जानकारी सामने आई है। इस परियोजना के पूरा होने से लंबे समय से किराये के भवन में संचालित हो रहे एनएचएआई कार्यालय को अपना स्थायी परिसर मिल सकेगा।

एनएचएआई के इस प्रस्तावित कार्यालय भवन को कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए भवन के निर्माण से विभाग को किराये के कार्यालय पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके साथ ही कार्यालय संबंधी गतिविधियों को एक स्थायी परिसर से संचालित करने की सुविधा मिलेगी।

मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर बनेगा भवन

एनएचएआई ने नए प्रशासनिक भवन के निर्माण के लिए मंडी बाईपास के अंतर्गत आने वाली मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर स्थित भूमि को चुना है।

यहां करीब डेढ़ बीघा जमीन पर तीन मंजिला कार्यालय भवन बनाने की योजना है।

इस भवन का उपयोग एनएचएआई की प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन के लिए किया जाएगा।

मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर प्रस्तावित निर्माण इस परियोजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।

हालांकि, भवन निर्माण के लिए तैयार किए गए विस्तृत तकनीकी डिजाइन और सुरंग के ऊपर निर्माण से संबंधित इंजीनियरिंग व्यवस्था का विवरण उपलब्ध नहीं है।

निर्माण के दौरान संबंधित तकनीकी मानकों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।

किराये के कार्यालय से मिलेगी राहत

एनएचएआई का संबंधित कार्यालय लंबे समय से किराये के भवन में संचालित हो रहा है।

स्थायी कार्यालय भवन नहीं होने के कारण विभाग को किराये के परिसर पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

अब नए भवन की योजना सामने आने से इस समस्या के समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

प्रस्तावित भवन तैयार होने के बाद विभागीय कामकाज को स्थायी कार्यालय से संचालित किया जा सकेगा।

इससे कार्यालय के लिए किराये का भवन लेने की आवश्यकता समाप्त हो सकती है।

हालांकि, वर्तमान कार्यालय का किराया कितना है और विभाग कितने समय से किराये के भवन में काम कर रहा है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

तीन मंजिला होगा प्रशासनिक भवन

एनएचएआई का प्रस्तावित कार्यालय तीन मंजिला होगा।

करीब डेढ़ बीघा भूमि पर बनने वाला यह भवन विभाग के लिए एक स्थायी प्रशासनिक परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा।

तीन मंजिला संरचना होने से कार्यालय के अलग-अलग कार्यों के संचालन के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा।

नए भवन को अत्याधुनिक बनाने की योजना है।

हालांकि, इसमें कितने कमरे, बैठक कक्ष, कार्यालय शाखाएं या अन्य सुविधाएं होंगी, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

भवन में पार्किंग, कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के संबंध में भी अभी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

एनएचएआई के नए कार्यालय भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है।

इसके लिए करीब डेढ़ बीघा भूमि निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

भवन निर्माण की योजना को मूर्त रूप देने के बाद विभाग को अपना स्थायी कार्यालय मिल सकेगा।

हालांकि, निर्माण कार्य शुरू करने की निश्चित तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

इसके अलावा भवन को तैयार करने में कितना समय लगेगा, इस संबंध में भी कोई समयसीमा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

निर्माण शुरू होने के बाद कार्य की प्रगति और भवन तैयार होने की संभावित अवधि के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।

कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से जुड़ा है कदम

कीरतपुर-मनाली फोरलेन हिमाचल प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है।

इस मार्ग का उद्देश्य सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और प्रमुख क्षेत्रों के बीच यातायात को सुगम बनाना है।

परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर सड़क, सुरंग और अन्य आधारभूत संरचनाओं से संबंधित कार्य शामिल हैं।

मंडी बाईपास भी इसी सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अब मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर एनएचएआई के कार्यालय भवन का निर्माण प्रस्तावित किया गया है।

इस कदम से परियोजना से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को स्थायी कार्यालय परिसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति होगी।

हालांकि, नए कार्यालय के निर्माण से फोरलेन परियोजना के किसी विशेष लंबित कार्य की समयसीमा में बदलाव होगा या नहीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

मंडी बाईपास क्षेत्र में नया प्रशासनिक परिसर

मंडी बाईपास के अंतर्गत मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर कार्यालय भवन बनाने की योजना से इस क्षेत्र में एनएचएआई का नया प्रशासनिक परिसर स्थापित होगा।

प्रस्तावित भवन के निर्माण के बाद विभाग को अपने कार्यालय संचालन के लिए स्थायी स्थान मिल जाएगा।

इससे कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक निर्धारित परिसर से कार्य करने की व्यवस्था बनेगी।

विभागीय अभिलेखों, प्रशासनिक बैठकों और अन्य कार्यालय संबंधी गतिविधियों को भी इसी परिसर से संचालित किया जा सकेगा।

हालांकि, इन कार्यों के लिए भवन में किस प्रकार की विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी, इसका विवरण अभी उपलब्ध नहीं है।

कार्यालय निर्माण की लागत स्पष्ट नहीं

एनएचएआई के प्रस्तावित तीन मंजिला भवन को लेकर भूमि और स्थान की जानकारी सामने आई है, लेकिन निर्माण की कुल लागत स्पष्ट नहीं की गई है।

यह भी नहीं बताया गया है कि भवन के निर्माण के लिए कितनी धनराशि स्वीकृत हुई है।

इसके अलावा निर्माण एजेंसी, निविदा प्रक्रिया और परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना के बारे में भी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इन विवरणों के सामने आने के बाद परियोजना के वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल मुख्य जानकारी यही है कि मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर करीब डेढ़ बीघा भूमि में नया प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा।

स्थायी कार्यालय से विभागीय कामकाज को सुविधा

किसी भी बड़े आधारभूत संरचना प्रोजेक्ट से जुड़े विभाग के लिए स्थायी कार्यालय परिसर महत्वपूर्ण होता है।

एनएचएआई के नए भवन की योजना भी इसी दिशा में उठाया गया कदम है।

विभाग को किराये के भवन से बाहर निकलकर अपने कार्यालय में काम करने का अवसर मिलेगा।

स्थायी परिसर बनने से कार्यालय संचालन के लिए स्थान संबंधी व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकती है।

हालांकि, प्रस्तावित भवन में कितने अधिकारी और कर्मचारी कार्य करेंगे, इसकी संख्या उपलब्ध नहीं है।

एनएचएआई को मिलेगा अपना कार्यालय

मंडी में प्रस्तावित नए प्रशासनिक भवन के निर्माण से एनएचएआई की लंबे समय से चली आ रही किराये के कार्यालय की समस्या दूर होने की उम्मीद है।

करीब डेढ़ बीघा भूमि पर बनने वाला तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन मंडी बाईपास के अंतर्गत मलोरी की दूसरी सुरंग के ऊपर तैयार किया जाएगा।

निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की जानकारी दी गई है, हालांकि इसके पूरा होने की निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है।

कीरतपुर-मनाली फोरलेन परियोजना से जुड़े इस कदम के माध्यम से एनएचएआई अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए स्थायी कार्यालय परिसर विकसित करने जा रहा है।

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