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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : जनजातीय जिले किन्नौर में मानसून की रफ्तार के साथ ही आफत का दौर भी शुरू हो गया है। बीती रात चोलिंग के निकट हुई मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ ने इलाके में भारी तबाही मचा दी है। तेज बारिश और बाढ़ के पानी के साथ आए मलबे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
स्थानीय जानकारी के अनुसार, चोलिंग क्षेत्र में देर रात हुई भारी बारिश के बाद अचानक पहाड़ी इलाकों से पानी और मलबा बहकर नीचे आ गया, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई स्थानों पर सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गए हैं।
सबसे अधिक असर राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 (NH-5) पर देखने को मिला है, जो मलबे और दलदल के कारण पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। इस महत्वपूर्ण मार्ग के बंद होने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है और कई यात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मशीनों की मदद से मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है।
बाढ़ के कारण कई छोटे संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने पहले ही किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद लगातार बारिश के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक आई बाढ़ के कारण कई जगहों पर खेतों और बागानों को भी नुकसान पहुंचा है। सेब उत्पादन क्षेत्र होने के कारण किसानों को भी इस प्राकृतिक आपदा से आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत दलों को तैनात कर दिया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण राहत कार्यों की गति धीमी है।
कुल मिलाकर, किन्नौर में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-5 के बंद होने से यातायात पूरी तरह प्रभावित है और प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।





