हिमाचल प्रदेश

Kangra का पर्यटन सपना बाधाओं में फंसा, मुख्य समस्याओं पर ध्यान नहीं

Ratna Netam
3 May 2026 3:59 PM IST
Kangra का पर्यटन सपना बाधाओं में फंसा, मुख्य समस्याओं पर ध्यान नहीं
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पर्यटन के क्षेत्र में उठाए गए महत्वाकांक्षी कदमों को अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है। स्थानीय अधिकारियों और विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्य समस्याओं और मुद्दों की अनदेखी के कारण कांगड़ा का पर्यटन राजधानी बनने का सपना डगमगाया है।
कांगड़ा में कई प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरें मौजूद हैं, जो इसे पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना सकती हैं। इसमें धर्मशाला, मैक्लोडगंज, और खूबसूरत घाटियाँ शामिल हैं। लेकिन पर्यटन विकास में बुनियादी ढांचे की कमी, परिवहन और सड़क की स्थिति, और पर्याप्त सुविधाओं की कमी ने क्षेत्र की योजनाओं को बाधित किया है।
स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन ने आवश्यक सुधारों और निवेश में विलंब किया है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्याप्त होटल, सुरक्षित मार्ग, पर्यावरण संरक्षण और साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया है। एक होटल संचालक ने कहा, “यदि ये मुद्दे हल किए जाएँ, तो कांगड़ा न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।”
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि कांगड़ा की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक स्थलों की संख्या इसे पर्यटन राजधानी बनने के लिए उपयुक्त बनाती है। लेकिन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्थायी योजना और बुनियादी ढांचे पर निवेश जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल प्रचार और कार्यक्रम आयोजन से पर्यटन का विकास संभव नहीं है।
स्थानीय नागरिक भी इस स्थिति से निराश हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटक आकर्षण के बावजूद, सड़कें खस्ताहाल हैं, यातायात की समस्या है, और बेसिक सुविधाओं का अभाव है। नागरिकों का कहना है कि अगर प्रशासन इन मुद्दों पर ध्यान देता, तो कांगड़ा का विकास तेज़ी से हो सकता था।
विकास और निवेश के अभाव के कारण कांगड़ा का पर्यटन क्षेत्र अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाया है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति का संवर्धन, बुनियादी सुविधाओं का विकास और पर्यटन जागरूकता कार्यक्रमों पर फोकस करना आवश्यक है।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि कांगड़ा के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएँ बनाई जा रही हैं, लेकिन उनकी प्रभावी क्रियान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को सुधारने पर ध्यान दिया जाएगा।
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