हिमाचल प्रदेश

विमल नेगी केस पर जयराम ठाकुर का हमला: 'CM सुक्खू दें इस्तीफा, अधिकारी नहीं हैं नियंत्रण में'

Ashish verma
1 Jun 2025 7:01 PM IST
विमल नेगी केस पर जयराम ठाकुर का हमला: CM सुक्खू दें इस्तीफा, अधिकारी नहीं हैं नियंत्रण में
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विमल नेगी केस पर जयराम ठाकुर का हमला

Shimla.शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के हालात मुख्यमंत्री के नियंत्रण में नहीं हैं। न तो मंत्री, न नेता और न ही प्रदेश के अधिकारी मुख्यमंत्री के नियंत्रण में हैं। प्रदेश में अराजकता का माहौल है। ऐसे में मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विमल नेगी मौत मामले में दिल्ली से आने के बाद एक तरफ मुख्यमंत्री कहते हैं कि हम सीबीआई जांच का स्वागत करते हैं, वहीं दूसरी तरफ एसपी शिमला संजीव गांधी हाईकोर्ट में एलपीए दायर करते हैं। कोर्ट में दायर एलपीए में उन्होंने साफ तौर पर उल्लेख किया है कि उन्होंने एडवोकेट जनरल से कानूनी सलाह लेने के बाद व्यक्तिगत हैसियत में एलपीए दायर की है।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब एसपी शिमला संजीव गांधी एसपी के पद का उपयोग करते हुए और एडवोकेट जनरल से कानूनी सलाह लेने के बाद कोर्ट में एलपीए दायर करते हैं तो फिर इस एलपीए को व्यक्तिगत हैसियत में कैसे माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं यह मुख्यमंत्री के आदेश पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सीबीआई जांच से परेशान हैं। वह किसी भी तरह से इस मामले में सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं। सीबीआई जांच में सरकार के नेताओं और अधिकारियों के बेनकाब होने की संभावना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि विमल नेगी मौत मामले में सरकार और पुलिस ने साक्ष्य छिपाने की कोशिश की है। एसपी संजीव गांधी द्वारा की गई प्रेस वार्ता पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह भी कहीं न कहीं मुख्यमंत्री के इशारे पर हुआ है। एसपी संजीव गांधी द्वारा प्रेस वार्ता में उठाए गए सभी बिंदुओं को मुख्यमंत्री ने बताया।

इसके अलावा उन्होंने पूर्व डीजीपी द्वारा 172 डीजी डिस्क अवार्ड वापस लेने पर भी सरकार को घेरा। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए और कहना चाहिए कि वह प्रदेश चलाने में असमर्थ हैं। इसका भी अपना आनंद है। पेखूबेला भ्रष्टाचार का स्मारक है जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रदेश सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पेखूबेला परियोजना भ्रष्टाचार का स्मारक है। उन्होंने कहा कि हाल ही में काला अंब में अवैध शराब का मामला सामने आया है। यहां से करीब 4 लाख स्टीकर बरामद किए गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह 100 करोड़ से ज्यादा का मामला है और इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी शामिल हैं।


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