हिमाचल प्रदेश

पेपर लीक विवाद पर जयराम का CM सुक्खू पर हमला

Saba Naaz
28 July 2026 3:04 PM IST
पेपर लीक विवाद पर जयराम का CM सुक्खू पर हमला
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हिमाचल प्रदेश: पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से पूर्व भाजपा सरकार के समय हुए पेपर लीक मामलों की जांच को लेकर दिए गए बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पलटवार किया है। जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू यह दावा कर रहे हैं कि उनकी सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन प्रदेश की जनता यह सवाल पूछ रही है कि सरकार ने कितनी बड़ी भर्तियां आयोजित की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई विवाद खड़े किए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्री-नर्सरी शिक्षक भर्ती मामले में भी सरकार पर सवाल उठे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के फंड से होने वाली इस भर्ती में भी अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद विरोध के चलते प्रक्रिया रोकनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर प्रदेश के छोटे बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा।

भर्ती एजेंसियों को लेकर सरकार पर हमला

पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर आउटसोर्स भर्ती को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार से जुड़े लोगों ने चिकित्सा अधिकारी और नर्स भर्ती के लिए आउटसोर्स कंपनियां तैयार कीं। जयराम ने दावा किया कि इन मामलों में न्यायालय की ओर से भी सख्त टिप्पणियां की गई थीं और कई बार भर्ती प्रक्रियाओं पर रोक लगाई गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र की कई भर्तियों के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं से पैसा आता है, लेकिन राज्य सरकार की व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जयराम ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार के कुछ मंत्री सार्वजनिक मंचों से अपने क्षेत्र के लोगों को नौकरी दिलाने की बातें करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री पेपर लीक की चर्चा कर रहे हैं।

पुलिस भर्ती मामले पर भी उठाए सवाल

जयराम ठाकुर ने हाल में हुई पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि परीक्षा में बड़े स्तर पर नकल और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस जांच के दौरान पेपर बेचने और खरीदने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। आरोप है कि इस मामले में लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और नकदी भी बरामद हुई थी। जयराम ठाकुर ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार ने मामले को आगे नहीं बढ़ाया और जांच को रोक दिया।

पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल का दिया हवाला

जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय जब पुलिस भर्ती पेपर लीक मामला सामने आया था तो तत्काल कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय एफआईआर दर्ज करवाई गई, एसआईटी का गठन किया गया और मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी। उन्होंने बताया कि परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। साथ ही अभ्यर्थियों के लिए कई सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं। जयराम ने दावा किया कि बाद में सीबीआई जांच में भी कुछ पुलिस अधिकारियों की भूमिका सामने आई थी और कार्रवाई की सिफारिश की गई थी।

सीबीआई रिपोर्ट दबाने का लगाया आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद सुक्खू सरकार ने सीबीआई रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिपोर्ट को लंबे समय तक दबाए रखा और अब जब जानकारी सामने आई तो सरकार की स्थिति स्पष्ट हो गई। जयराम ठाकुर ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार आउटसोर्स व्यवस्था पर निर्भर हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार स्थायी नौकरियां देने में विफल रही है, वह पेपर लीक नहीं होने का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में भाजपा सरकार के समय हिमाचल में स्थायी कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक थी। उन्होंने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं को स्थायी रोजगार देने के अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई है। पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर जारी इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सभी की नजर सरकार की प्रतिक्रिया पर है। हिमाचल में आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, क्योंकि रोजगार और भर्ती प्रक्रिया प्रदेश के युवाओं से सीधे जुड़ा हुआ विषय है।

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