हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में करीब अढ़ाई लाख से ज्यादा लोग दिल के मरीज, अस्वस्थ जीवनशैली-धूम्रपान बड़ा कारण

Renuka Sahu
29 Sep 2022 1:54 AM GMT
In Himachal, more than 2.5 lakh people are heart patients, unhealthy lifestyle – smoking is a big reason
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न्यूज़ क्रेडिट : divyahimachal.com

दिल का दौरा पडऩा लोगों में अब आम बीमारी हो गई है। यह बीमारी जितनी आम है, उतनी ही जानलेवा भी है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। दिल का दौरा पडऩा लोगों में अब आम बीमारी हो गई है। यह बीमारी जितनी आम है, उतनी ही जानलेवा भी है। प्री मैच्योर डेथ यानि समय से पहले होने वाली मौतों के लिए दिल की बीमारी बड़ा कारण है। डाक्टरों का कहना है कि देश भर में समय से पहले होने वाली 30 फीसदी मौतों का कारण दिल का दौरा है। 40 से 60 वर्ष के उम्र की लोगों में दिल का दौरा पढऩे की घटनाएं ज्यादा हैं। खराब जीवनशैली दिल का दौरे के लिए सबसे बड़ी वजह है। प्रत्येक वर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस बढ़ते हृदय रोगों के बारे में जनजागृति हेतु दुनिया भर में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व हृदय दिवस-2022 की थीम 'हर दिल के लिए दिल का इस्तेमाल करें' यह है। मधुमेह, मेटाबोलिक सिंड्रोम, उच्च रक्तचाप, नशे के बढ़ते सेवन, गतिहीन जीवन शैली, खराब आहार और धूम्रपान की उच्च दर ये हृदय रोग के लिए प्रमुख जोखिम कारक हैं।

आधुनिक जीवनशैली और मोबाइल ने लोगों की नींद छीन ली है। स्वस्थ दिल के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज के कॉर्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. पीसी नेगी का कहना है कि हिमाचल प्रदेश की कुल आबादी में से करीब चार से पांच प्रतिशत लोग दिल की बीमारियों के शिकार हैं। करीब अढ़ाई लाख लोग दिल की बीमारियों का शिकार हैं। दिल का दौरा पडऩे वाले लोगों की उम्र ज्यादा 50-60 वर्ष के आसपास हैं, लेकिन अब 40 वर्ष के आसपास के लोग भी दिल की बीमारी का शिकार हो रहे हैं। अस्वस्थ जीवन शैली व धूम्रपान इसका बढ़ा कारण है। डा. पीसी नेगी का कहना है कि दिल की बीमारियों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए समय पर इलाज जरूरी हैं। मधुमेह, बीपी व मोटापा दिल की बीमारियों की वजह बनते हैं। ऐसे में 20 साल से अधिक की उम्र के हर व्यक्ति को साल में एक बार बीपी जरूर चैक करवाना चाहिए। (एचडीएम)
ऐसे दिल को रखे स्वस्थ
अच्छी जीवन शैली अपनाएं, दिन में करीब आधा घंटा सैर करें, जंक फूड के बजाय स्वास्थ्य वर्धक खाना खाएं, रोजाना करीब 7 से 8 घंटे की नींद लें, नाव मुक्त रहने के लिए खेलों का सहारा लें।
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