हिमाचल प्रदेश

बिलासपुर में HRTC बस खाई में गिरने से बची पैरापिट ने बचाई 40 यात्रियों की जान

Kavita2
20 Aug 2026 11:52 AM IST
बिलासपुर में HRTC बस खाई में गिरने से बची पैरापिट ने बचाई 40 यात्रियों की जान
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होने से टल गया। भगेड़-पनौल मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने पैरापिट से टकरा गई। पैरापिट के सहारे बस रुक गई और गहरी खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। हादसे के समय बस में करीब 40 यात्री सवार थे, जिनमें स्कूली बच्चे, कॉलेज छात्र और रोजाना कामकाज के लिए जाने वाले लोग शामिल थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे का पल बेहद डरावना था। बस में बैठे यात्रियों की सांसें थम गई थीं, क्योंकि बस सड़क से फिसलकर खाई की ओर बढ़ रही थी। लेकिन सड़क किनारे बना छोटा सा पैरापिट उस समय सुरक्षा कवच बन गया और उसने बस को खाई में गिरने से रोक लिया। इससे कई परिवारों की खुशियां उजड़ने से बच गईं।

जानकारी के मुताबिक, एचआरटीसी की यह बस रोजाना की तरह जबलू से घुमारवीं के लिए रवाना हुई थी। सुबह का समय होने के कारण बस पूरी तरह यात्रियों से भरी हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने स्कूल और कॉलेज जाने के लिए सवार थे, जबकि कई लोग अपने दफ्तर और अन्य जरूरी कामों के लिए यात्रा कर रहे थे।

यात्रियों ने बताया कि सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन अचानक एक मोड़ पर बस चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद बस सड़क किनारे की ओर जाने लगी। कुछ ही सेकंड में यात्रियों के बीच डर का माहौल बन गया। लोगों को लगा कि बस सीधे गहरी खाई में जा सकती है।

हालांकि, किस्मत से सड़क किनारे बने पैरापिट ने बस को रोक लिया। बस पैरापिट से टकराकर रुक गई और बड़ा हादसा टल गया। अगर पैरापिट नहीं होता तो बस के गहरी खाई में गिरने की आशंका थी, जिससे बड़ा नुकसान हो सकता था।

हादसे के बाद बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई बच्चे और यात्री डर के कारण सहम गए। आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और स्थिति को संभाला।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर कई स्थानों पर सड़क किनारे गहरी खाई है। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए लगाए गए पैरापिट और क्रैश बैरियर काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस हादसे में भी यही सुरक्षा व्यवस्था यात्रियों के लिए जीवन रक्षक साबित हुई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर बस के अनियंत्रित होने की बात सामने आ रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

बस चालक से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या चालक की किसी गलती के कारण हुआ।

हादसे में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा बेहद जरूरी है। खासकर सार्वजनिक परिवहन की बसों के लिए नियमित जांच और सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इनमें बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं।

हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क हादसों का खतरा हमेशा बना रहता है। यहां संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और गहरी खाइयां वाहन चालकों के लिए चुनौती होती हैं। ऐसे में सड़क किनारे सुरक्षा दीवार, पैरापिट और अन्य सुरक्षा इंतजाम यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छोटे-छोटे सुरक्षा उपाय भी बड़े हादसों को रोकने में अहम साबित हो सकते हैं। जिस पैरापिट को अक्सर सामान्य निर्माण कार्य का हिस्सा माना जाता है, वही बुधवार को दर्जनों लोगों की जिंदगी बचाने वाला सुरक्षा कवच बन गया।

फिलहाल पुलिस और परिवहन विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। यात्रियों के सुरक्षित बच निकलने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

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