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हिमाचल के CBSE स्कूलों में शिक्षक संकट पर 10 दिन में समाधान की उम्मीद

Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : हिमाचल प्रदेश के सरकारी CBSE पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या अगले 10 दिनों के भीतर सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है। राज्य सरकार ने इस मुद्दे के समाधान के लिए तेजी से कदम उठाते हुए एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति गठित की है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली यह समिति अगले दो दिनों में सचिवालय में बैठक करेगी। इस बैठक में शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। समिति का उद्देश्य जल्द से जल्द एक ठोस निर्णय लेकर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह माना जा रहा है कि आगामी 10 दिनों के भीतर शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित मामला काफी हद तक सुलझा लिया जाएगा। लंबे समय से राज्य के कई CBSE स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर पढ़ाई प्रभावित हो रही थी, जिससे छात्रों और अभिभावकों में चिंता बनी हुई थी।
इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को शामिल किया गया है। यह समिति राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन करेगी।
शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि समिति का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्कूल में शिक्षक की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। इसके लिए आवश्यक नियुक्तियों और पुनर्वितरण की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि CBSE पैटर्न वाले स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। इसी कारण इस मुद्दे को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि नियुक्ति प्रक्रिया को किस तरह तेजी से और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए, ताकि शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार तुरंत निर्णय ले सकती है और खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस पहल से राज्य के हजारों छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शिक्षकों की कमी के कारण प्रभावित हो रहे थे।





