हिमाचल प्रदेश

Himachal: टांडा अस्पताल की बचपन डायबिटीज मैनेजमेंट में नई पहल

Payal
23 April 2026 2:03 PM IST
Himachal: टांडा अस्पताल की बचपन डायबिटीज मैनेजमेंट में नई पहल
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के टांडा अस्पताल ने बचपन में डायबिटीज के मैनेजमेंट के क्षेत्र में एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। अस्पताल ने बच्चों में डायबिटीज की पहचान, इलाज और देखभाल के लिए नवीनतम चिकित्सा प्रोटोकॉल अपनाकर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं।
अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चों में डायबिटीज के मामलों में वृद्धि हुई है। “हमने यह सुनिश्चित किया कि बच्चों को समय पर सही निदान, उपचार और पोषण संबंधी मार्गदर्शन मिले। इसके लिए हमने बच्चों के लिए विशेष डायबिटीज केयर प्रोटोकॉल विकसित किए हैं, जो राज्य के लिए मॉडल बन गए हैं,” उन्होंने कहा।
टांडा अस्पताल ने बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए नियमित स्क्रीनिंग, परिवारों को शिक्षा और पोषण पर ध्यान देने की रणनीति अपनाई है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज का प्रबंधन समय पर सही इलाज और जीवनशैली सुधार से संभव है। अस्पताल ने बच्चों के लिए काउंसलिंग, ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और फिजिकल एक्टिविटी प्रोग्राम को भी लागू किया है।
विशेषज्ञों ने कहा कि टांडा अस्पताल का यह कदम हिमाचल में बच्चों की स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बच्चों में डायबिटीज की उचित देखभाल से न केवल रोग को नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि दीर्घकालीन जटिलताओं को भी रोका जा सकता है।
अस्पताल के निदेशक ने कहा कि उनके प्रयासों का उद्देश्य केवल इलाज नहीं बल्कि बच्चों और उनके परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता पैदा करना है। “हम चाहते हैं कि परिवार और समुदाय इस बीमारी के प्रति सजग रहें और समय पर चिकित्सकीय मदद लें। यही हमारी बेंचमार्क पहल की सफलता का संकेत है,” उन्होंने बताया।
इसके अलावा, अस्पताल ने अन्य सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाकर बचपन डायबिटीज मैनेजमेंट के क्षेत्र में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं। इससे राज्य भर में बच्चों के लिए बेहतर और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में योगदान मिलेगा।
अंततः, टांडा अस्पताल ने हिमाचल प्रदेश में बचपन में डायबिटीज के मैनेजमेंट में एक नया बेंचमार्क स्थापित कर स्वास्थ्य क्षेत्र में मिसाल कायम की है। विशेषज्ञों और परिवारों के लिए यह पहल एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है, जो बच्चों की जीवनशैली सुधार और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो रही है।
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