हिमाचल प्रदेश

Himachal : सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था पर सख्ती

Kavita2
30 May 2026 5:10 PM IST
Himachal : सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था पर सख्ती
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Shimla शिमला : सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों (प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा) को निर्देश जारी कर ऐसे स्कूलों की विस्तृत सूची मांगी है, जहां इंटरनेट सुविधा की कमी के कारण स्विफ्ट चैट (वीएसके) पोर्टल पर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली को पारदर्शिता और निगरानी के उद्देश्य से लागू किया गया है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों की समीक्षा जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने जिलावार रिपोर्ट तलब की है, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।

यह मामला 18 मई को शिक्षा सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया था। बैठक में बताया गया कि कई स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति वीएसके पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज नहीं हो रही है, जिससे डिजिटल निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

बैठक में मौजूद विभिन्न जिलों के उपनिदेशकों ने जानकारी दी कि इस समस्या का प्रमुख कारण खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी है। कई दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में नेटवर्क की कमी के चलते ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना समय पर संभव नहीं हो पाता।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर तकनीकी संसाधनों की कमी और नेटवर्क की अस्थिरता भी इस समस्या को बढ़ा रही है। ऐसे में ऑनलाइन सिस्टम का पूर्ण पालन नहीं हो पा रहा है, जिससे डेटा अपडेट में देरी हो रही है।

शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों से कहा है कि वे उन स्कूलों की सूची तैयार करें, जहां यह समस्या लगातार बनी हुई है। इसके साथ ही कारणों का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत करने को कहा गया है, ताकि समाधान के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।

विभाग का मानना है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए बेहतर इंटरनेट और तकनीकी सुविधाओं का होना आवश्यक है।

इस निर्देश के बाद अब सभी जिलों में स्कूल स्तर पर स्थिति का आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट जल्द शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी।

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