हिमाचल प्रदेश

Himachal : मानसून को लेकर स्कूल सुरक्षा पर सख्ती, सभी स्कूल परिसरों की जांच के निर्देश

Kavita2
20 Jun 2026 11:37 AM IST
Himachal : मानसून को लेकर स्कूल सुरक्षा पर सख्ती, सभी स्कूल परिसरों की जांच के निर्देश
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Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश : आगामी मानसून सीजन को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों (प्राथमिक एवं उच्च शिक्षा) को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्कूल परिसरों की व्यापक सुरक्षा जांच सुनिश्चित करें। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाने को कहा गया है।

स्कूल शिक्षा निदेशालय हिमाचल प्रदेश ने स्पष्ट किया है कि छात्रों एवं शिक्षकों की सुरक्षा सर्वोच्च जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार के विकल्प की आवश्यकता नहीं होगी और सभी स्कूलों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा।

आदेशों में विशेष रूप से उन स्कूलों पर ध्यान देने को कहा गया है जो बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे स्कूलों की स्थिति की गहन जांच कर वहां संभावित जोखिमों का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग ने सभी जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्कूल भवनों की संरचनात्मक स्थिति, आपातकालीन निकास मार्ग, पेयजल व्यवस्था और अन्य सुरक्षा सुविधाओं का निरीक्षण करें। जहां भी कमी पाई जाए, उसे तुरंत दूर किया जाए।

इसके अलावा, स्कूलों में आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित करने और छात्रों एवं शिक्षकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया है। विभाग का मानना है कि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया ही नुकसान को कम कर सकती है।

निदेशालय ने यह भी कहा है कि सभी स्कूल प्रमुख अपने संस्थानों में सुरक्षा से संबंधित रिपोर्ट समय-समय पर संबंधित अधिकारियों को भेजें, ताकि राज्य स्तर पर निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा सके।

मानसून के दौरान भूस्खलन और भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में स्कूल संचालन प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे में अग्रिम तैयारी को अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।

शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि एक गंभीर सुरक्षा उपाय है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

फिलहाल सभी जिलों में तैयारी शुरू कर दी गई है और अधिकारियों को जल्द से जल्द निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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