हिमाचल प्रदेश

Himachal: जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता पर विशेष चर्चा

Ratna Netam
14 April 2026 4:42 PM IST
Himachal: जल संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता पर विशेष चर्चा
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: मंडी में आयोजित किसान मेले में इस वर्ष टिकाऊ खेती (सस्टेनेबल एग्रीकल्चर) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और लाभकारी कृषि तकनीकों से अवगत कराना रहा, ताकि वे बदलते कृषि परिदृश्य में बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त कर सकें।
मेले में बड़ी संख्या में किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से जैविक खेती, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल प्रबंधन और नई फसल तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि टिकाऊ खेती अपनाकर न केवल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, बल्कि भूमि की उर्वरता भी लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है।
कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने मिट्टी परीक्षण, फसल चक्र और जैविक खाद के उपयोग पर विशेष व्याख्यान दिए। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, इसलिए संतुलित और वैज्ञानिक खेती अपनाना समय की आवश्यकता है।
मेले में किसानों को ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर सिस्टम और जल संरक्षण तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि पानी की कमी को देखते हुए कृषि में जल का कुशल उपयोग बेहद जरूरी है। टिकाऊ खेती में जल प्रबंधन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई। इनमें कृषि अनुदान, बीज वितरण योजनाएं और आधुनिक उपकरणों पर सब्सिडी जैसी सुविधाएं शामिल थीं। कई किसानों ने इन योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर लाभ लेने की प्रक्रिया समझी।
किसान मेले में युवाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। कृषि से जुड़े स्टार्टअप और नवाचारों ने भी प्रदर्शनी में हिस्सा लिया, जिससे युवाओं को कृषि क्षेत्र में नए अवसरों की जानकारी मिली।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वे पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संतुलन बनाकर खेती करें। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए टिकाऊ खेती ही भविष्य की सबसे सुरक्षित और लाभकारी प्रणाली है।
स्थानीय किसानों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेले उन्हें नई तकनीक सीखने और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर प्रदान करते हैं। कई किसानों ने बताया कि उन्हें नई फसल पद्धतियों और सरकारी योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
कुल मिलाकर, मंडी जिले का यह किसान मेला टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
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